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I am a teacher, poet n writer, published 8 books , started a new Hindi poem method called " Varn piramid or jasala piramid." I have membership n hold posts in many societies. Also Awarded by many societies.

All Postsकविता (4)गज़ल/गीतिका (1)मुक्तक (8)अन्य (2)शेर (1)दोहे (1)साहित्य कक्षा (1)
***द्विपदी ***
(१) जिन्दादिली के साथ जीना ही जिन्दगी है , वरना मुर्दों की कमी नहीं है इस शहर में । (२) खोदकर पहाड़ निकाली थी एक... Read more
*****दोहे*****
(१) धरम करम के सार को, रहे कृष्ण जी सींच । राजनीतिक के व्याल को, रक्खा मुट्ठी भींच ।। (२) धडक-धडक करता जिया, रोते नित... Read more
** नव मुक्तक **
***** मुक्तक ***** हम धर्म के मर्म को जानें, नफरत की पीडा को जानेंं, गीता बाइबिल कुरान ग्रन्थ की, आत्मा को भी हम जानें, मानवता... Read more
वर्ण पिरामिड और सिंहावलोकनी दोहा मुक्तक
सुरेशपाल वर्मा जसाला यह मेरी नवविधा है - ''वर्ण पिरामिड'' ************* [इसमे प्रथम पंक्ति में -एक ; द्वितीय में -दो ; तृतीया में- तीन ; चतुर्थ... Read more