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नाम - सुनीता सैनी
जन्म स्थान - बानसुर, जन्म तिथी - 6/8/1989

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All Postsकविता (11)गज़ल/गीतिका (5)गीत (1)
वो जो मेरे साथ सालों से रहता हैं.. कम्बख़त अपने ही ख्यालों में रहता हैं.. टूट जाता है अक्सर अंधेरे के झोंके से.. जिसका वास्ता... Read more
"माँ" तेरी यादों में मैं खोयी रहूं।। तेरी यादों में मैं सोयी रहूं।।। जब तू आये करीब मेरे, तो मैं तेरे लिए जगती रहूं।।।। तेरी... Read more
"मां" "प्रणाम" जाने तू कब आती हैं...? जाने तू कब चली जाती हैं...? तेरे आने की आहट में, मेरी आँखें भी खुली रह जाती हैं..... Read more
ग़ज़ल
"माँ" न जाने आज गांव से पनघट कहाँ गए..? सर से उतर कर लाज के घूघट कहाँ गए..? हर इक लिहाज शर्म को खूंटी पे... Read more
ग़ज़ल
पहले जो संयुक्त परिवार हुआ करते थे वो ना जाने आज कहाँ गए..? न जाने आज गाव से पनघट कहाँ गए..? सर से उतर के... Read more
कहां लुप्त हो गई है अब, बहती सरिता की अविरल धारा || नदी किनारे रहने वाले जीवों का, दुविधा में हो गया जीवन सारा ||... Read more
आहट
आती हूँ रात के अंधेरे में इतना आहिस्ता - आहिस्ता कि मेरे पैरों की आहट से तुम्हारी नींद ना खुल जाए | फिर कैसे सुन... Read more
भक्तों के बिना भगवान का वजूद क्या..........? माँ के बिना बच्चों का वजूद क्या......? माँ के बिना बेटी का वजूद क्या......? पिता के बिना पुत्र... Read more
माँ
हूँ मै खुद के साथ या हूँ तेरे साथ इसका मुझे पता नहीं | रहती हूँ, जहाँ भी मैं बन लहूँ रगो का मेरी दौडती... Read more
ये कौन है
ये कौन है, जो मेरे साथ साथ चलता है | ये कौन है, जो मेरे धड़कनॊ में बजता है | मुस्कुराता है मेरी बेचैनियो पर... Read more
मेरी माँ
तूने ही जन्म दिया, तूने ही बनाया इन्सान तेरी ही मेहनत है उसमे, जो मिल पाई है, थोडी बहुत/बहुत पहचान तेरा ही आशीर्वाद है, जो... Read more