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मैं वो लिखता हूँ, जो मैं महसूश करता हूँ, जो देखता हूँ,
कभी कभी अपने ही शब्दों में खुद को ढूंढ़ता हूँ,
हर बार कुछ बेहतर की कोशिश करता हूँ,
बस कुछ ऐसा ही हूँ मैं,
ठहरता नहीं हूँ, मैं चलता रहता हूँ ।।

कुमार
हरियाणा की माटी से जुड़ा एक कलाकार
लिखने के साथ साथ अभिनय और निर्देशन में भी रूचि है ।

All Postsकविता (6)मुक्तक (1)
प्यार
S Kumar कविता Aug 6, 2017
किसी के साथ सपने देखना प्यार नहीं किसी के सपनों को पूरा करना प्यार है ।। सिर्फ किसी के साथ जीना प्यार नहीं, किसी से... Read more