Skip to content

सहजयोग, प्रचार, स्वांतःसुखाय लेखक, कवि एवं विश्लेषक.

All Postsकविता (11)गज़ल/गीतिका (5)मुक्तक (2)गीत (3)
जन्मभूमि पर रामलला के मंदिर का निर्माण हो
पूरी हो मन की अभिलाषा जन जन का कल्याण हो जन्मभूमि पर रामलला के मंदिर का निर्माण हो आक्रंता था बाबर जिसने जन्मभूमि कब्जाई थी... Read more
द्रौपदी ही अब हरेगी द्रौपदी के उर की पीड़ा
रोज होते हैं स्वयंवर, रोज होती द्यूत क्रीड़ा है नहीं कोई हरे जो, द्रौपदी के उर की पीड़ा दांव पर लगती है प्रतिदिन द्रौपदी क्षण... Read more