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If u belive in yourself ; things are possible....

All Postsकविता (20)
क्या हो गया
होते होते ये क्या हो गया जो नहीं था मेरा वह खुदा हो गया देख कर उसको आंखें झुकी न जाने कब यह क्या हो... Read more
पता ना चला
दुश्मनों की जंग लड़ते लड़ते अपने भी कब दुश्मन बन गए पता न चला सरहदों की सीमा तय करते करते कब घरों में बंटवारा हुआ... Read more
दिल की आरजू..
टूटे हुए दिल की आऱजू लेआ मै इसको जोड दू कही दूर चल इस अंधेरे से तूझे पुकारता है नया जहॉ ये नयी जमी नया... Read more
खामोशी
चारो तरफ खामोशी ही खामोशी बाहर खामोशी, भितर खामोशी बिस्तर भी खामोशी से सो रहा है. जैसे बरसो की चाहत बोल रहा है. खिड़कियॉ दरवाजे... Read more
ए खुदा...
क्या करू दर्दे दिल की बयॉ... तुने तो रहम भी नही की जरा सी.. अगर सिकायत करू भी तो करू क्या जख्म भी दिये है... Read more
बिछडन..
अजीब इत्तेफाक है'जिन्दगी का तुम मिले भी तो बिछडने के लिये... दो पल साथ था अपना' सदिया गुजर गयी मुद्दत हुए... कल वक्त न था... Read more
अपनें
अपनो को अपनो का सहारा चाहिए दो पल एक साथ गुजारा चाहिए.. अपने ही अपनो को समझ सकते हैं औरोम को समझने की मोहलत चाहिए..... Read more
क्या हो तुम?
अनदेखा सा ख्वाब हो तुम.. जो अब तक पूरी न हो सकी वो आस हो तुम... धुधली सी एक तस्वीर झलकती है इन आखो में.... Read more
पहचान
एक बूंद जो आसमा से अचानक छलक पड़ी... रोती बिलकती धरती पर आ गिरी मैं अपनो से अलग होकर कहां जाऊगी अपनी पहचान से दूर... Read more
सोंच.
खोखला है ये समाज, खोखले है लोग खोखली है मानवता, खोखली है सोंच,कहने को तो वादो के पुल, बधते जाते है रातो दिन... निभाने की... Read more
हालाते वतन
जुल्म की दुनिया.सब खौफ है.सब खौफ है....रहनुमा जो बन गया .रहगुजर वो और है.......कल तक सम्हाला था जिन्होने वतन की आबरू ...घर की आबरू बेच... Read more