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छोटा सा सन्देश देना चाहती हूँ प्यारा.......
नहीं छूना चाहती चाँद और सितारा.....
बस खुशि बांटना चाहती हूँ अपनी लेखनी से.....
लिखना भी शौख है हमारा...

All Postsकविता (3)
क्या लिखूं
आज फिर से कागज़ और कलम पर हमारा ध्यान आया फिर से दिल की बातों को पन्नों पर उतारने का ख़याल आया फिर से बहुत... Read more
दस्तूर
राहें चलें तो पत्थरों से मजबूर हैं उपरवाला अपने रुतबे पे मगरूर है लोगों के दिलों में थोड़ी चाहत तो जरुर है लेकिन यहाँ फुलों... Read more
दुल्हन
हूँ दिल में हज़ारों अरमान लिए आँखों में प्यार का सम्मान लिए लबों पे खुसी का पैगाम लिए दिल में उलझनों का आसमान लिए मै... Read more