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नाम - सीरवी प्रकाश पंवार
पिता - श्री बाबूलाल सीरवी
माता - श्री मती सुन्दरी देवी
जन्म - 5 जुलाई 1997
पता - अटबड़ा, तह-सोजत सिटी, जिला- पाली राजस्थान
शिक्षा - इंजीनियरिंग(वर्तमान)
रुचि- लेखक(writer)
संपर्क - 9982661925
Facebook-www.fb.com/seerviprakashpanwar
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All Postsकविता (6)मुक्तक (13)गीत (1)लेख (2)शेर (16)
मेरा इश्क़...
कोई ख़ामोश हैं मेरी चौखट पर मग़र..आना जाना काफ़ी हैं! कोई घूर रहा हैं नम आँखों से मगर..बात गहरी काफ़ी हैं! आख़िर जी कर भी... Read more
मत रो माँ .आँगन भीग रहा, कहा जलाऊ में फुलझड़ी..
यह अंधड़ सी क्यों चल रही, दीप जलने क्यों नहीं दे रही, क्यों यह सुना-सुना आंगन, फुलजड़ी जलने नहीं दे रहा, आखिर क्यों वो टेढ़ी-मेढ़ी,... Read more
तारीख़
अखबारों से मत पूछो कि आज तारीख क्या हैं...उन्हें तो हर रोज बदलना हैं! बीहड़ के बाग़ी से मत पूछो कि मक़सद क्या हैं...उन्हें तो... Read more
नफ़रत
एक नफ़रत सी हो गयी ए जिंदगी इस शहर से! ख़ुद गर्ज सी हो जिंदगी खुद में ही समा गयी खुद से! बहूत कुछ खोया... Read more
ज़रा छुपा ले....
ज़रा छुपा ले... चेहरें की इस मुस्कुराहट को, कोई घूर रहा था...कही नज़र न लग जाए! ज़रा छुपा ले...आँखों की इन उम्मीदों को, कोई गुन-गुना... Read more
आख़िरी हम सफ़र...
जो खेल रचा हैं मैने...उसे खत्म करने आया हूँ! जो रूप गढ़ा हैं मैने...उसे मिटाने आया हूँ! आखिर खत्म होती हैं मेरी,इश्क़ की यह दुनिया!... Read more
" भाषा" --सीरवी प्रकाश पंवार शरू कहा से करू थोडा मुश्किल तो हैं। वैसे हमेशा अकेला चलना पसंद करता हूँ पर आज डर लग रहा... Read more
आखिर मेरा लल्ला फिर घर आएगा!  उम्मीदों का ताज फिर से पहनाएगा!!
आख़िर मेरा लल्ला फिर घर आएगा! उम्मीदों का ताज फिर से पहनाएगा!! इन्तजार हैं इस चौखट पर, कल मेरा लल्ला फिर घर आएगा! थक चुकी... Read more
क़ीमत......
जो घर -घर घूमने वाला आवारा समझा हैं मुझे, क्या यही कीमत थी मेरे विश्वास की.... जो चौराहे पर खड़ा कर मुर्ख समझा हैं मुझे,... Read more
हस लेना आज...
हस लेना आज..मेरी परछाईयों पर, तुम जी भर के! आख़िर जिन्दगी की राह पर कब तक आँखे झुकाता मै! रोना पड़े कभी..मेरी धुंधली इन परछाईयों... Read more
राखी
मै कैसे आऊँ बाहर यहाँ हर कोई इश्क़ में जाया दिखता हैं! कही खोये इस जहाँ में ये राखी बिन हाथों नजऱ आती हैं! वज़ह... Read more
नेता और सैनिक
साहब, किसी नेता की गाड़ी का काँच तोड़ने से इतना बवाल क्यों मचा देते हैं। जब किसी सैनिक पर पत्थर फेके जाते हैं तो कहा... Read more