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मैं सतगुरु प्रेमी बेसिक शिक्षा परिषद् द्वारा अध्यापक हूँ, गीत,गजल,छन्द और कविताएँ लिखने का प्रयास करता हूँ,पत्र,पत्रिकाओ में मेरी रचनाएँ प्रकाशित होती रहतीं हैं , सारंधा की आन, प्रेमी विरह, छाया ' प्रकाशित कृतियाँ हैं।

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All Postsकविता (4)
वो बेटियाँ ही हैं
वो बेटियाँ ही हैं हमें जीना सिखातीं । जिन्दगी-मौत के संघर्ष में, पल रहीं कांटों के मध्य हर्ष में, तीब्र गति से लक्ष्य पर वो... Read more
बिरवा कहिसि
हमका यहु गर्व हवै बहुतै अपना तन तोहि लुटाइत है। जब भूख ते व्याकुल आयौ कबो, हम आपनि डाल लचाइत है। तुम्हरे जब घामु लगै... Read more