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मेरी विधा दोहे, कुंडलियाँ, कविता, छंद, हाइकु, गजले, शेर, शायरी,मुक्तक, लघुकथा, कहानी, two liners,, गीत, भक्ति गीत, इत्यादि।।। अपनी गजले गाना मुझे पंसद है। नोएडा,, काफी सारे कार्यक्रम में भाग ले चुकी हूँ।।।। साहित्य से जुड़ी हुई हूँ।।। Facebook पर Sangita goel नाम से।।

All Postsकविता (6)
शायरी
मेरी तहरीर ही मेरा अंदाजे बयां होगी चर्चा ए दिल फिर जाने कहाँ कहाँ होगी मत सोचा कर मुझे इतना तुु ख्यालो में मेरी जीस्त... Read more
2 शेर
दिखा रही है जिंदगी भी खेल कुछ अजीब से नयी मिली है मुश्किले नये मिल रहे हैं हादसे बिखर गई है जिंदगी, समझ नहीं है... Read more
शेर
क्या क्या न सहा जीस्त ने सिर्फ तेरे वास्ते जब अलग थी मंजिले अलग थलग थे रास्ते।।।।
गजल
जिंदगी की राह में बनके बेगाना चल दिए लूट कर सुख चैन देखो कर दिवाना चल दिए आपकी ही बात है अब आपसे ही कर... Read more
शेर..
कत्ल ही करना था तो कर दिया होता बेबजह वजूद को टटोला किसलिये।।। संगीता गोयल "गीत" 6/8/16
शेर..
तसव्वुरात की परछाई उभर आई फिर से कौन ये अक्स अपना दिखा गया फिर से। संगीता गोयल 6/8/16