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प्रेम
एक कविता प्रेम दर्शन है कोई प्रदर्शन नहीं प्रेम संस्कृति है कोई संस्कार नहीं प्रेम शजर की छाँव है कोई शाख का पत्ता नहीं प्रेम... Read more