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ग़ज़ल
बस एक काम मेरे यार कर, तू मुझे दिल से दिलदार कर, ज़िन्दगी देखी है ? ज़िन्दगी ? हमने देखी है ख़ुद को मार कर,... Read more
तुम
तेरा हिजाब मेरा कफ़न न हो जाये, इस तरह प्यार दफ़न न हो जाये, तू रूठा न कर जालिम इस कदर, मेरा दिल उजड़ा चमन... Read more
चले आओ
फिर फहफिल सजाए चले आओ, किसी से दिल लगाये चले आओ, नफरतो में डूबा है जमाना, हम मोहब्बत फैलाये चले आओ, तुम अदा से नज़रें... Read more
तुम गर साथ होती............
Sahib Khan गीत Dec 10, 2016
वो तन्हाई के लम्हे, वो बेखुदी की राते, यु न गुजरती, तुम गर साथ होती.......... हम तुमको बहो में रखते, तुम्हारे प्यार को’ आँखों के... Read more
-: राज़-ए-मुश्कान :-
Sahib Khan गीत Dec 10, 2016
तुम्हारी नजरो की कसम, तुमपे फ़िदा हूँ मैं, लाख करू कोशिश विसाल की, मगर तुमसे जुदा हूँ मैं, तुम्हारी जुल्फों की कसम, बहुत मजबूर हूँ... Read more
-: तलाश :-
Sahib Khan गीत Dec 10, 2016
बड़ी शिद्दत से लिख रहा हूँ, तेरे इन ख्यालो को, शायद कोई जवाब मिल जाए, मेरे इन सवालों को, दुनिया में निकल पड़ा ढूंढने, तुम्हारे... Read more
“ बयान-ए-नज़र “
ऊपर वाले का जरा नाम ले, दिल अपना भी जरा थाम ले, देखे नहीं जाते अश्क तेरे, अपने इन अश्को को थाम ले, तेरे अश्क... Read more
दिल कभी कभी यू सोचता है, काश कोई होती.................. जिसकी गली से हम जाते, वो छज्जे से देखती, हमे मुश्कूराते, काश कोई होती.................. जो हर... Read more
“तेरे शहर में“
Sahib Khan गीत Dec 9, 2016
तेरी याद फिर खींच लाई, मुझे तेरे शहर में कैसे जिए तेरे बिना, हम तेरे शहर में, हर शै मिलते ही तेरा पता पूछती है,... Read more