Skip to content

मै सदानन्द, समस्तीपुर बिहार से
रूचिवश, संग्रहणीय साहित्य का दास हूँ
यदि हल्का लगूं तो अनुज समझ कर क्षमा करे
Whts app 9534730777

All Postsकविता (7)कुण्डलिया (1)
वर्ण व्यंजन मे तुमको लिखना ,, क्या कोई बेईमानी होगी
वर्ण व्यंजन मे तुमको लिखना ~~~~ क्या कोई बेईमानी होगी ~~~~ मेरा तुमको अपना कहना ~~~~ हमनफ्ज ,,,, ये मेरी नाफरमानी होगी ~~~~ मेरा पतला... Read more
कब तक देखे भारत , शहीदो के क्षत विक्षत शव
कब तक देखे भारत शहीदो के क्षत विक्षत शव गीदड़ हृदयी पीश्शू पाकिस्तान क्या भूल गया है करगिल का वो विजय दिवस शत्रु रक्त से... Read more