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सब रस लेखनी***
जब मन चाहा कुछ लिख देते है,
रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना
प्यारे दोस्तों।
ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।

All Postsकविता (43)कव्वाली (1)
*बेदाग बादशाह
जब देखता हूँ खिलते कमल को भोर में, अंधेर घोर में, आँखों में उतर जाती है पवित्रता की किरणें, कीचड़ में खिले कमल की पवित्रता... Read more
माँ का हीरो****
पढ़ ले बेटा पढ़ ले कुछ कर ले काम आयेगा नहीं तो रह जायेगा जीरो मास्टर जी के गूंजते ये शब्द.... सच में रुला देते... Read more
जय देवी***
देवी के मंदिर सर झुका कर फल-फूल धुप बत्ती वस्त्र श्रृंगार चढ़ा कर भक्ति बखान दण्डवत् नमन तेरा, पत्थर की मूर्ति पर अपार श्रद्धा हैरान... Read more
शहीदों की इच्छा***
चल दिये अपनी जान वतन पर फिदा करके, सोच रही है तड़पती आत्मा वार भारी पक्का होगा, आतंक के खिलाफ निर्णायक जंग होगा, जीत अपनी... Read more
कर दी मैली.....
बदल गये गंगा तट वासी पर न बदली गंगा माँ सच में माँ तो माँ ही है सदियो से वही निर्मल पवित्र धारा*** पालनहार इस... Read more
वायदा है....
मत भटक दर बदर तुझे है क्या खबर संवरेगा तेरा भी मुकद्दर खुदा का वायदा है ईमान के दिन भी पलटेंगे।। ^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^
कुछ है जो...
कुछ है जो घूरते है आँखों में छिपी काली आँखों से, आँखों में शर्म नहीं बहाते है पानी आँसू नही कुछ है जो घूरते है... Read more
मौन...एक खोज
चल दिये उस राह पर जहाँ हर कोई जाता न था, न कोई चहकता था न कोई महकता था, नितांत मौन थी राह जो केवल... Read more
कभी इस पार ,कभी....
कभी इस पार कभी उस पार, खिच लेता है एक दूजे को बहन-भाई का प्यार रक्षा बंधन का त्यौहार चलता रहे,निभता रहे अमर प्रेम की... Read more
ऊँचे चबूतरे पर...
ऊँचे चबूतरे पर जलता दीया निचे रोशनी बिखेरना चाहता था उन हवा के झोंके से बुझ गया जो ऊँची ही चलती थी ऊंचाई के अहसास... Read more
एक शांत मौन.....
आओ इस कोरे कागज पर कुछ लिख देते है ना मिटने वाला शब्द जो दिल की गहराई में उतर जाये शब्द तो शब्द है शब्द... Read more