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मौन  आंखें
मौन आंखे मौन आंखे बोलती है , भेद हृदय का खोलती है l हृदय है या दुख का दरिया , मन ही मन टटोलती है... Read more
घोर कलयुग
घोर कलयुग लिया पनाह हैl अच्छाई ही बड़ा गुनाह है l अच्छे बुरे का भेद नहीं, बुराई करके खेद नहीं , अच्छाई दर-दर ठोकरें खाती... Read more