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उफ़...मीठी_चाय...
कागज की नाव...
अल्फाज मेरे....कलम तेरी...
बस साधारण-सा कलमकार...
#जज़्बाती....

All Postsकविता (17)मुक्तक (2)गीत (1)शेर (1)
!!....चाँदनी रात....!!
आसमाँ की श्याम वर्ण रूपी चादर में... झिलमिलाते अनगिनत सितारे... जाने किसने टाँक दिये शीतल चादर में... पुष्प हों गुलचाँदनी के सितारे... . जगत सोया... Read more
__जिग़र का टुकड़ा होती है बिटिया___
बिदाई के दिन जिगर का टुकड़ा होती है बिटिया... मगर जन्म होने पर क्यों शोक होती है बिटिया... . निर्मल संस्कारों की छाँव में पलती... Read more
....रंगोत्सव मंगलमय हो...।।
______मुक्तक_____ कुछ अनकही बातें कहना है इस रंगोत्सव पर... रूठे हुये यारों को मनाना है इस रंगोत्सव पर... गुजरा कल भूलकर सबको रंग-गुलाल लगाना है...... Read more
___कैसे रंग लूँ चुनरिया सतरंगी___
कैसे चुनरिया अपनी रंग लूँ सतरंगी... बता मेरे सावरिया... कैसे दूर रंगों से रहूँ अंतरंगी... बता मेरे सावरिया... . कैसे जिन्दगानी अपनी करूँ रंगीन.... बता... Read more
__यूँ बे-वजह पटरी पर बैठा न होता__
नम होती हैं आँखें... मगर अश्क नहीं झलकता... हजारों होती हैं शिकायतें... मगर अपना कोई नहीं समझता... . _______________ न लिखी होती गरीबी इन लकीरों... Read more
?...हूँ तेरे इंतज़ार में__?
कब से तेरी राहों में... खड़ा हूँ बे-सब्र सा... जिन्दगी की राहों में... चलना चाहता हूँ बे-फिक्र सा... हूँ तेरे इंतज़ार में... बस तेरे ख्यालों... Read more
___माँ की बनी रोटी___
मेरी माँ के हाथों की बनी रोटी... होती है गोल मटोल-सी छोटी... कभी वक्त मिले तुमको... दुनियादारी की मोहमाया से... कभी चैन मिले तुमको... बे-सब्र... Read more
हर दिल अजीज नहीं होता यारों....
हर दिल अजीज़ नहीं होता यारों.... हर दिल में दोस्ताना नहीं होता यारों... हरेक दिल इतने करीब नहीं होता यारों... हरेक दिल मोहब्बत जितना अमीर... Read more
नन्हीं कूची से हर लूँ अंधियारा....
..... #नन्हीं_कूची_से_हर_लूँ_अंधियारा....?? गहरे समंदर-सी है हमारी जिन्दगानी... जाने कब तक मिलेगी जीवन को रवानी... बादलों की गहरी-सी घटा कब छटेगी... जाने कब तक निकलेगा इंद्रधनुष... Read more
???? इक शाम यूँ ही गुजर जाती है.... ????
इक शाम यूँ ही गुजर जाती है.... वतन की पताका फहराते हुये... .???????? देशभक्ति यूँ ही मुकर जाती है... चमन-सी जिन्दगानी सजाते हुये... .???????? स्वदेशी... Read more
जमीं आसमाँ का मिलन....??
वसुंधरा और नीलाम्बर का मिलन... जगत का मनोहारी दृश्य इक... सतरंगी चादर निर्मित करेगा... इंद्रधनुष जितनी खूबसूरत इक... अप्सरा-सी प्रकट होगी वसुंधरा... धरा और आसमाँ... Read more