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मैं रेखा रानी एक शिक्षिका हूँ। मै उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ1 मे अपने ब्लॉक में मंत्री भी हूँ। मेरे दो प्यारे फूल (बच्चे) ,एक बाग़वान् अर्थात मेरे पति जो प्रतिपल मेरे साथ रहते हैं। मेरा शौक कविताये ,भजन,लेखन ,गायन, और प्रत्येक गतिविधि मे मुख्य भूमिका निभाना। मेरी उक्ति है कौन सो काज कठिन जगमाहि जो नही होत रेखा तुम पाही। आर्थात जो ठाना वो करना है। गृ हस्थ मे कविताएं न प्रकाशित कर पाईं

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All Postsकविता (5)गज़ल/गीतिका (2)मुक्तक (1)गीत (7)
चाँद की रजाई
आज यह बादल क्यों फट गया गरीब की रजाई की तरह। या फिर किसी पांव में फटी बिबाई की तरह। इस फटी रजाई में तन... Read more
23 वीं वर्षगांठ
rekha rani गीत May 19, 2017
दीपक बाति बनकर हम तुम घर -मन्दिर को प्रकाशित करेंगे। तुम दीपक में प्रेम का घृत बन,बाति बन मैँ समर्पण करेंगे। जब तक स्नेह का... Read more
मां
rekha rani गीत May 14, 2017
प्रथम वन्दना मां है ,मां की आरती उतारें। मां के चरणों में रहकर हम अपना जन्म गुजारें। मां देती है मीठी लोरी हमको रोज सुलाने... Read more
शहीद का सिर
शत्रु ने बर्बरता से सैनिक का सिर जब काट लिया। कटे हुए सिर ने फौरन शत्रु का षड्यंत्र भांप लिया। शेष शरीर से बोला सिर... Read more
ख्वाइशें
इसका उत्तर मेरे अंदाज़ मे ख्वाहिशें अपनी सभी साथ पूरी कर ए दिल , क्या खबर तुझको कभी ऐसा मौका मिले न मिले। अगला लम्हा... Read more
हमसफ़र
rekha rani गीत Feb 2, 2017
बचा जिंदगी का जो भी सफर है इसे साथ मिलकर तय करना पड़ेगा। मेरे देव राहों मे थके जो कदम तो तुम्हे पहले मुझको पकड़ना... Read more
मगरूर बादल
बादलों का नृप है अम्बर,डरता रहता बादल अक्सर। किन्तु कभी वह पवन के सहारे,बिना पूछे नभ से बिना ही बिचारे। यूहीं मौज मस्ती में आँचल... Read more
आवारा बादल
rekha rani गीत Feb 2, 2017
कहाँ उड़ चले, कहाँ उड़ चले, आवारा बादल कहाँ उड़ चले। लगता है बादल हुए आज पागल , उन्हें न खबर वे कहाँ उड़ चले।... Read more
बसंत पञ्चमी
नू तन वस्त्र धरा ने धारे सज गईं सभी दिशाएं धुंधली दिशाएं ओझल हुई अब विकसा रवि मुस्काए। आज प्रफुल्लित हो सारे मिलकर बसंत मनाएं।... Read more
महा पर्व मतदान
rekha rani गीत Jan 18, 2017
मेरा देश बन रहा तू काम कर रहा है। चल काम छोड़ सारे मतदान करले प्यारे। मेरा देश बन रहा है तू काम कर रहा... Read more