Skip to content
उनकी आजमाइश
वक़्त की आजमाइश में वो खुद की नुमाइश कर बैठे, जिसको पाने की हम दिन रात तमन्ना किये हुए थे, वो उसी आफताब को पाने... Read more
तुम्ही बता दो
RASHMI SHUKLA लेख Apr 13, 2017
कितना और कब तक तुम्हे आजमाऊ तुम्ही बता दो, हमेशा तो झुकाया है सर तुम्हारी ही खिदमत में, क्या खुद भी टूट कर बिखर जाऊ... Read more
हमारा अंदाज
हम कोई बड़ा आसमां नहीं जो तुम हमे छूने को भी मोहताज़ हो, बस खुद को थोड़ा बदल कर देखो, हम कोई तेज़ धूप का... Read more
किस्सा
लड़ते नहीं हम तुमसे यू ही दानिश्ता, ये भी हमारी मोहब्बत का एक हिस्सा है, यादे तो बहुत है खुशियों की मेरे हमदम, मगर ये... Read more
मेरा गुमान
छिन गया वो इख़्तियार मुझसे जिसपे कभी हुआ करता था गुमान, गवारा न था मुझे तुझसे दूर रहना पलक झुकने से उठने तक भी, मगर... Read more
जुदाई
ए मेरे मालिक एक ऐसा भी आइना बना दे, जिसमे सूरत के साथ इंसान की सीरत भी दिखा दे, ऐसे तो हर तरफ ही अपनों... Read more
बेबस
क्या फर्क पड़ता है वो हँसे या रोये, उन्हें तो बस उसके जिस्म से प्यार है, वो कहाँ पहचान पाते हैं उसके आसुओं को बारिश... Read more
भगवान का व्यापार
RASHMI SHUKLA लेख Mar 27, 2017
जिसने बनाया है ये सारा संसार, उसी को लोगो ने बना लिया है व्यापार, पढ़ लिखकर अब लोग पंडित हुआ करते हैं, दो अक्षर जो... Read more
जिक्रे उल्फत
जिक्रे उल्फत का कुछ ऐसा नजारा था, मेरा सारा वक़्त उनका और उनका सारा वक़्त हमारा था, कभी लड़खड़ाते ही न थे कदम मेरे उनकी... Read more
उनका दखल
दानिश्ता (जानबूझकर) ही वो मेरी जिंदगी में दखल देते हैं, मेरे रुखसारों की मुस्कान को मायूसी में बदल देते हैं, जब हम लगाना चाहते हैं... Read more
हौसला
RASHMI SHUKLA लेख Mar 18, 2017
बदलते वो हैं जो अपने मन में संभलने की चाह रखते हैं, सपनों को हक़ीक़त बनाने के लिए अपनी नींदों को तबाह करते हैं, यू... Read more
ये जीवन है अनमोल
RASHMI SHUKLA लेख Mar 17, 2017
समझ आता ही नहीं किस चीज की जरुरत है इंसान को, बिना मतलब की चीज़ खरीदने के लिए बेच आता है ईमान को, कोशिश क्यों... Read more
तुम्हारा साथ
बिखर जाना ही पड़ेगा गर छोड़ा तुमने मेरा साथ, दूर जाकर देख लो नहीं मिलेगा हमसा कोई ख़ास, एक रात जो बीतेगी तुम्हारी आसुओं में,... Read more
उनकी अब्र सी नफरत
उनकी नफरत भी मुझे अब्र सी लगती है, उनकी बेरुखी मुझे मीठा सब्र सी लगती है, वो कितना भी छुपाये मुझसे अपना राज़ेदिल, उनकी फ़िक्र... Read more
ये जीवन
RASHMI SHUKLA लेख Mar 11, 2017
तशरीफ़ को अपनी तकलीफ न दो मेरे आशियाने में आने के लिए, मैंने तो जिंदगी को छोड़ रखा है आप जैसों के आजमाने के लिए,... Read more