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पत्थरों की कहानियाँ लिख दो
पत्थरों की कहानियाँ लिख दो ख़ुश्क आँखों रवानियाँ लिख दो फ़िर वही तज़करा एे ज़िंदगानी बुढ़ी क़लमों जवानियाँ लिख दो लिख दो तालाब सूखने को... Read more
ज़िंदा
Nasir Rao कविता Aug 15, 2016
तुम्हारे जिस्म की खुशबु तुम्हारे लम्स का जादु मेरे अहसास की चादर'' तुम्हारी याद का तकिया मैं जब भी लेके सोता हूँ भले खामोश होता... Read more