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दिल की मंजिल..
दिल का सुकुं तलास करूं कैंसे दिल की मंजिल को में पांऊ कैंसे!! मंजिल पाने के तो लोग रास्ते निकाला करते हैं दिल की मंजिल... Read more
कल्पतरु वाणी...
कल्पतरु की जीवन गाथा कल्पतरु रत्नों का भ्राता! कल्पतरु निकला मंथन से कल्पतरु जुड़ा जीवन से!! कल्पतरु है एक वरदान देता जो हमें जीवन दान!... Read more
निकल न जाए दम...
दुनिया के भरे बाजार में, कहीं पीछे छूट न जाएें हम ! चलने का कोई हुनर नहीं है, कहीं लुट ना जाए हम!! बेगेरत सी... Read more
अपनी किस्मत....
आज मैं अपनी किस्मत को, फिर आजमाने चल पड़ा हूं !! देखना है क्या मिलता है, नसीब को मेरे ! आज पुरानी राहों पर, फिर... Read more
दिल जब रोता है...
दिल जब रोता है, तो खुद ही गुनगुना लिया करते हैं ! आंखों से निकलते हैं,जब अश्क के मोती, तो उन्हे खुद ही पुरो लिया... Read more
आंसू पूछें ...
आंसुओं का हिसाब, कुछ मैं लगा नहीं सकता खुशी के है या गम के, कुछ कह नहीं सकता आसूंआे के समंदर में,कहीं चिराग ए रोशन... Read more
अकेला एहसास..
चलना अकेला ही मुझे बस यादों का साथ है तेरा कोई रास्ता दिखाई देता नही बस एक विश्वास है तेरा मंजिल भी धुंधली दिखाई पड़ती... Read more
दिल के अऱमा
मेरे दिल के सारे अरमां,कविता और गजलो मे डाले कविताऔर गजलें लिख -लिख,दिल पर पड गय थोड़े जाले कविता और गजलों में, ना लिखा तेरा... Read more
दिल पंछी
आज दिल पंछी बन,फिर उड़ चला हवा के समंदर में डूबकियां लगा बसानी थी मंजिल उसे भी कही ना था मगर अपने घर का पता... Read more