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रकमिश सुल्तानपुरी
मैं भदैयां ,सुल्तानपुर ,उत्तर प्रदेश से हूँ ।
मैं ग़ज़ल लेखन के साथ साथ कविता , गीत ,नवगीत देशभक्ति गीत, फिल्मी गीत ,भोजपुरी गीत , दोहे हाइकू, पिरामिड ,कुण्डलिया,आदि पद्य की लगभग समस्त विधाएँ लिखता रहा हूं ।
FB-- https ://m.facebook.com/mishraramkesh
मेरा ब्लॉग-gajalsahil@blogspot.com
Email-ramkeshmishra@gmail.com
Mob--9125562266
धन्यवाद ।।

All Postsकविता (4)गज़ल/गीतिका (78)गीत (8)दोहे (11)कुण्डलिया (1)हाइकु (1)तेवरी (1)
ग़ज़ल।मेरे हमदम मेरी तनहाइयाँ फिर नापने निकले ।
=================ग़ज़ल================ मेरे हमदम मेरी तनहाइयाँ फ़िर नापने निकले । कि मेरे इश्क़ की गहराइयाँ फ़िर नापने निकले । सिसकती रूह की परछाइयाँ फ़िर नापने निकले... Read more
ग़ज़ल।बढ़ गया तब फ़ासला जब चाहने उनको लगा ।
=================ग़ज़ल================ बढ़ गया तब फ़ासला जब चाहने उनको लगा । कुछ मिला न फ़ायदा जब चाहने उनको लगा । थे नजरअंदाज तो वे ख़ुब शरारत... Read more
ग़ज़ल।तब उसी तारीख़ से तेरा दिवाना जो गया ।
=============ग़ज़ल=================== ज़ब नज़र के ख़ंजरों का दिल निशाना हो गया । तब उसी तारीख़ से तेरा दिवाना हो गया । तू रुकी थी मुस्कुरायी खिलखिलाती... Read more
ग़ज़ल।कि क़ातिल चैन से यारों हुक़ूमत पेश करते है ।
=================ग़ज़ल================ ज़िरह मुंसिफ़ वफ़ाई की ज़मानत पेश करते है । कि क़ातिल चैन से यारों हुक़ूमत पेश करते है । बहुत कम है बचे मुफ़लिश... Read more
ग़ज़ल।यकीं मानो मुहब्बत की सभी क़ीमत चुकाते है ।
================ग़ज़ल================= यकीं मानो मुहब्बत की सभी क़ीमत चुकाते हैं । नफ़ासत का ज़ख़म पाकर ग़मों मे मुस्कुराते है । सुना होगा दिवानों के पुराने क़हक़हे... Read more
ग़ज़ल।अब मेरी तस्वीर को यूं पा रहे पहचान कितने ।
================ग़ज़ल================= बह गए आंखों से आंसू छल गए अरमान कितने । दिल्लगी मे आशियानें हो गए वीरान कितने । आशिक़ी मे मंजिलों का है पता... Read more
ग़ज़ल।मेरे क़िरदार की दमदारियाँ फ़िर देखने निकले ।
=================ग़ज़ल================ मेरे हमदम मेरी तनहाइयाँ फ़िर नापने निकले । कि मेरे इश्क़ की गहराइयाँ फ़िर नापने निकले । सिसकती रूह की परछाइयाँ फ़िर नापने निकले... Read more
ग़ज़ल।नमक जो देश का खाकर विदेशी पेश आता है ।
*****************ग़ज़ल**************** शराफ़त छोड़ कर सच की हँसी भरसक उड़ाता है । नकारा आदमी काबिज़ सभी का दिल दुखाता है । शहर मेरा सुधर जाए ख़ुदा... Read more
ग़ज़ल।आइना उसको दिखाना चाहिए ।
""'''''''''''''''''''""""""""""""""ग़ज़ल""""""""''''"'''"""""""""""" आग़ बदले की बुझाना चाहिए । हर किसी को मुस्कुराना चाहिए । नफ़रतों से ज़ख़्म ही मिलता सदा । रंजिशों को भूल जाना चाहिये... Read more
नवगीत।रातों मन के अंधेरों मे तस्वीरें चलती रहती है ।
नवगीत रातों मन के अंधेरों मे तस्वीरें चलती रहती है ,,-2 शामों से ख़ामोशी ठहरी रहती है मेरे घर । फ़ैली रहती है रातों भर... Read more
ग़ज़ल।दग़ा देने मुहब्बत के बहाने लोग बैठे है ।
================ग़ज़ल================= दुनियां के रिवाजों को भुलाने लोग बैठे है । नये ज़ख़्मो को देखो फ़िर दुखाने लोग बैठे है । ढहा रिश्तों कि दीवारें वफ़ा... Read more
ग़ज़ल।तू सुलगती आग़ तो शोला बना तैयार मै हूं ।
================ग़ज़ल================= सोच मत लग जा गले से बेक़सक दिलदार मैं हूं । तू सुलगती आग़ तो शोला बना तैयार मैं हूं । हो गयी काफ़ी... Read more
ग़ज़ल।मुझे हर दर्द मालुम है दवा पाने नही निकला ।
  ================ग़ज़ल================ तनिक आया हूँ गर्दिश में हवा खाने नही निकला । ग़मो का लुफ़्त लेता हूँ वफ़ा पाने नही निकला । बड़े दिन बाद पाया... Read more
ग़ज़ल।जहां मे ज्ञान का पौधा सदा बोता रहा शिक्षक ।
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, सजता राह जीवन की स्वंय खोता रहा शिक्षक । जहां मे ज्ञान का पौधा सदा बोता रहा शिक्षक । हमारी एक ग़लती पर... Read more
कविता। वही गुरु है अध्यापक है न कि कोई दग़ा पड़ाका ।
जीवन मे शिक्षक की अनिवार्यता , एवं शिक्षक के कार्य व्यवहार पर प्रश्न उठाने वालों के प्रति ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कविता । ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, आई दिवाली दगा पड़ाका... Read more
?ग़ज़ल? तेरे आग़ोश के शाये पुराने हो गए लेकिन ।
*ग़ज़ल ।दीवाने हो गये लेकिन।* तेरे आग़ोश के शाये पुराने हो गये लेकिन । उसी मदहोश हरक़त मे दिवाने हो गये लेकिन ।। बहुत चाहा... Read more
दुनिया मे सरदार तिरंगा भारत का ।
,,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल,,,,,,,,,,,,,,,, दुनियां मे सरदार तिरंगा भारत का । घर घर का त्योहार तिरंगा भारत का । आओ मिलकर गान करें जय भारत की । देता... Read more