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हमारी संस्कृति
हमारी संस्कृति ‌शश्ववत है, सनातन है मानवता ‌वाही है। न‌ जाति की‌ न‌ सम्प्रदाय की, प्रकृति पोषक ‌सत्य स्वीकार ‌है। पर वर्तमान‌ में क्यों‌ होता... Read more
दीपपर्व की सीख
दीपावली आती हैं , लाती है संदेश। साफ सफाई करने से, स्वच्छ होगा सारा देश। जो भी हो धार्मिक व‌ सांस्कृतिक, मान्यता त्योहार की। पर... Read more
नवदुर्गाओं के औषधिय रूप
दैत़्य रूपी रोगे से लडती, दुर्गा औषधि रूप में । 'हरड़' रूप धर शैलपुत्री, लडती उदर विकार में।। ब्रह्मचारिणी है ब्राह्मी 'में, बुद्धी देती विचार... Read more
हिन्दी की आत्म कथा
हिन्दी की आत्मकथा मैं हिन्दी हूँ, देव भाषा संस्कृत से मेरा प्रादर्भाव हुआ है। मेरे जन्म काल का वास्तविक पता न तो मुझे है न... Read more
गजानन मत-जाना
मत जाना भगवान गजानन मत जाना । राह राह झगड़े होते है, चक्का जाम अांदोलन होते है, जानता करें पुकार गजानन मत-जाना । रोड़ टूट... Read more
शिक्षक संकल्प
शिक्षक दिवस दिया है हमको, उनको शत शत कोटि प्रणाम । वरन शिक्षक कि मिट जाति, पूछ परख सिर्फ बचता नाम। शिक्षक भी गौरव को... Read more
शिक्षक संकल्प
शिक्षक दिवस दिया है हमको, उनको शत शत कोटि प्रणाम । वरन शिक्षक कि मिट जाति, पूछ परख सिर्फ बचता नाम। शिक्षक भी गौरव को... Read more
शिक्षा की हालत
आज भी एकलव्य, मिट्टी के पुतले से शिक्षा पाता है। पहले राजवंश था, अब गरीबी से नहीं पढ़ पाता है।। लिखाता है नाम, सरकारी स्कूल... Read more
मन की बात
मन मन की सब कोई कहे, दिल की कहे ना कोई। जो कोई दिल की कहे, उसे सुनता नही है कोई। मन पापी मन चोर... Read more
दुर्गावती की अमर कहानी
गढ़ मंडला राज्य की रानी, नाम दुर्गावती वीर मर्दानी। निर्भीक बहादुर वीरांगना थी, जबलपुर था उसकी राजधानी।। बॉदा नरेश कीर्तिसिंह चंदेल की, इकलौती बेटी दुर्गा... Read more
साहित्य की भूमिका
साहित्य देता रहा सदा से, दिशा देश अौर समाज को । साहित्यकार बदल देता है, चिन्तन ,चरित्र,व्यवहार को।। राष्ट्र को मिलती रही चेतना, समाज भी... Read more
सच्चा सुख
सुख पाने की चाह में, भटक रहा इन्सान। विरले ही पाते इसे, बहुतेरे है अनजान। बढ़ती सुविधा सामग्रियॉ, इन्द्रिय भोग विलास। इन्हें ही सुख मानकर,... Read more
कहाँ है वो भारत
कहाँ है वो भारत सोने की चिडि़या। कहाँ वो संस्कृति ललायत थी दुनिया। कहाँ वो देव भूमि राम और कृष्ण की कहाँ वो राजनीत सेवा... Read more
कर्म का योग
कर्म रहित जीवन नहीं, जी न सकता कोय। कर्म बन्धन के कारण, जीवन - मरण गति होय।। कर्म से दुःख होत हैं, कर्म से मुक्ति... Read more
आभार नारी का
नारी है सृष्टा की शक्ति, सृष्टि निर्माण की सहभागी। नारी के हैविविध कलेवर, सारी सृष्टि आभारी। माता बन पोषण करती है, संरक्षण अभिवर्धन करती है।... Read more
सृष्टि
[29/03, 10:49 AM] A S: मना रही सृष्टि अपना जन्म दिन, सृष्टिकर्ता की चेतनशक्ति को नमन। ज्ञात और अज्ञात सब वही है, एक से अनेक... Read more
ज्ञान ?
सदियों से भटक रहा, ज्ञान की खोज में इंसान। पर मिलता कहाँ संसार में, चैतन्य स्फुरण ही पहचान। वेद क़ो ही कहते ज्ञान, ज्ञान का... Read more
नवरात्र साधना पर्व
आ गया पर्व साधना का, नवरात्रि के नाम से। शक्ति उपासना करके सुधारे, जीवन लक्ष्य सत्कार्य से। पेट प्रजनन आवास ही, जीवन उद्देश्य नहीं है।... Read more
जीता कौन
नाच और गान में, होली का रंग था। कबीर की वाणी हुर्यारों का संग था। चुनाव सी हलचल हार जीत का प्रशन था। कौन जीता... Read more
विजयश्री
विजयश्री के जश्न में, बजते ढ़लोक और मृदंग । नृत्य गान रंग गुलाल से , बदल गये सबके रंगढंग। मिला श्रेय जो सौभाग्य है, करने... Read more
हुडदंग ह़ोली की
साहित्यपीडिया परिवार को , होली की शुभकामना। साहित्य संग्रह कर इतिहास रचा, कर चुनौतियों का सामना। रंग बिरंगी कविताओं को, आश्रय दिया गया है। अनगढ़... Read more
बेंटी को उलाहना
बेंटी किसे दूँ उलाहना बता दोषी कौन है। बिगडे़ हालात ससुराल में, फिर भी तू मौन है। कल तक मिलकर रहें, संयुक्त परिवार मे, तेरे... Read more