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I am a young poet from district Bijnor (U.P.). I am writing since 2009. I believe in expressing the deepest feeling of heart in a simple way so that a layman can understand it.

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All Postsमुक्तक (2)शेर (1)
अभिलाषा
मेरे हृदय के तुम मंदिर में; कोई दीप जलाओ न; बरसों से यहाँ घना अँधेरा; एक किरण बन जाओ न।। इस मंदिर को पावन कर... Read more
मिरी ख़ुश्बू
रखना सहेज कर उसे जिसको संवारो तुम, हर किसी को हमसा बिखेरा नहीं जाता।। जो बूझे मुझे कोई तो बस इतना ही बताना, वो रेत... Read more