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ऋषभ तोमर अम्बाह मुरैना मध्यप्रदेश से है ।गणित विषय के विद्यार्थी है।कविता गीत गजल आदि विधाओं में साहित्य सृजन करते है।और गणित विषय से स्नातक कर रहे है।हिंदी में प्यार ,मिलन ,दर्द संग्रह लिख चुके है

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All Postsकविता (6)गज़ल/गीतिका (25)मुक्तक (4)गीत (3)हाइकु (1)
गजल
जो जन्म से अंधा है वो देखना क्या जाने जो दिल से बेबफा है वो बफा क्या जाने जो छोड़कर चले जाते है बिन बताये... Read more
गजल
मेरी हर शाम खुशनुमा सी होगी जब तेरी पनाहों में ज़िंदगी होगी मेरी पलकों में है उनकी सूरत उनके लिये तो ये बेबकूफी होगी जो... Read more
गजल
आज चाँदनी रात में अंधियारी छा रही है लगता है वो छत पर बाल सूखा रही है मेरी गली में भीनी भीनी गंध आ रही... Read more
गजल
जमी से उस आसमाँ तक हर जगह देखलो जहाँ कोई दिल की सुनता हो उसको देखलो इधर-उधर की सोचना अच्छी बात नही है बस तुम... Read more
गजल
मुझे कुछ दूर एक मंजर नजर आता है मुझे खुद का घर जलता नजर आता है मैं दिनभर जरे जरे में खोजता फिरता हूँ उन्हें... Read more
तेरा साथ
तुम साथ थी मेरे जब तब बात ही अलग थी हर सुबह थी सुहानी हर साझ सुरमयी थी चाहत में दिल मगन था कलियों सा... Read more
समझता हूँ
तेरे लव से निकलती हर जुबां को में समझता हूँ तेरे खामोस होने की वजह भी में समझता हूँ क्यों यारा तुम नहीं समझी मेरे... Read more