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I am an engineering student, I lives in gwalior, poetry is my hobby and i love both reading and writing the poem

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All Postsकविता (10)गज़ल/गीतिका (10)गीत (1)
प्रेम पत्र
प्रिय लिख रहा पाती तुमको, इत्रों से महकाया इस को, अक्षर अक्षर प्रेम निहित है, पाती में भावना विहित है, सब अश्रु अब मसी हुये... Read more
पीड़ा
नारी नारी नारी बेचारी बेचारी तू अबला संग में विपदा गहे अब तेरी पीड़ा कौन कहे ये बात नहीं आज कल की है, ये हर... Read more
माँ और पत्थर
आज मिली थी मुझे निराला की वही पवित्रा हां वही जो अभी भी तोड़ती है पत्थर इलाहाबाद के पथ पर उसे देख मैं ठिठका और... Read more
रात बीती
कल रात बड़ी खुशनुमा थी पूनम का चांद चमक रहा था नीले आकाश में तारे मद्धिम संगीत बजा रहे थे रोशनी मीठे शहद सी टपक... Read more
बिटिया रानी
एक अनलिखी अनपढ़ी कहानी हूं, मैं जूही, चंपा व रातरानी हूं, हंसता बचपन और गुड्डे गुङिया, मैं तो बाबा की बिटिया रानी हूं, बङी हुई... Read more
तुम भूल गईं जबसे
कांटो से है अब यारी, गुलजार चुभे मुझको, तुम भूल गईं जबसे, महताब तपे मुझको, बिखरे हुये कुछ मोती, मैने फिर संजोये है, सांसों की... Read more
चंद अशआर लाया तुम्हारे लिये,
तरही गजल- चंद अशआर लाया तुम्हारे लिये, तुम गजल बनके आओ हमारे लिये, --------------_--------------_-------------- सुर्ख रातें बिताई अकेले सदा, आंख में अश्क हरदम ही' खारे... Read more
कुंवारी मां
इक लड़की थी भोली भाली सी, सलोनी, सांवली छवि वाली सी, इक मधुप पुष्प पर बैठ गया, और दंश प्रेम का भेद गया, इक ओर... Read more
शिकायत
तुम्हें मुझसे हरदम थी शिकायत, कि मैं तुम्हें कभी नहीं लिखता, मैं लिखना चाहता हूं पर पूरे हक से, मैं लिखूंगा तुम्हारे नर्म, नाजुक, गुलाबी,... Read more
बिटिया रानी
एक अनलिखी अनपढ़ी कहानी हूं, मैं जूही, चंपा व रातरानी हूं, हंसता बचपन और गुड्डे गुङिया, मैं तो बाबा की बिटिया रानी हूं, बङी हुई... Read more
इश्क
एक गजल और- कब लगा है बेवफा का दाग ये दिलदार पर, संगदिल है ये जमाना दाग देता प्यार पर॥ डूबती नौका नहीं कोशे समंदर... Read more