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जवान बेवा की जुल्फें हो गई जिन्दगी
न संवारने का दिल ना बनाने का दिल

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All Postsगज़ल/गीतिका (9)
आँखों में अब आंसू छिपाना कितना मुश्किल है
आँखों में अब आंसू छिपाना कितना मुश्किल है जो रडकते है उनको बहाना कितना मुश्किल है !! साँसों पे लिख लिया तुझको मैंने आयत की... Read more
खाकी - खद्दर पहने हुये , इंसान बिकने लगे
खाकी - खद्दर पहने हुये , इंसान बिकने लगे कोडियों में यहाँ लोगो के,ईमान बिकने लगे ।। कही मुर्दे तो,कही आज शमशान बिकने लगे, चदरों... Read more