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मिलते रहिये मिलते रहने से मिलते रहने का सिलसिला हु में ।।

All Postsलेख (2)
नारी तू नारायणी
#शर्मा_जी_कहिन✍ अपनी आँखों,अपनी वाणी, और अपने दर्शन से विश्व को मोहित करदेने वाली खुद की परवाह किये बगैर स्वजीवन को ओरो पर समर्पित करदेनी वाली... Read more
मै और तुम्हारा एहसास
तुम्हारा एहसास भी तुम्हारे होने से कम नही..... सिर्फ बाते,सिर्फ यादें और अनकही, अनसुनी असँख्य भावनाएं, घुली पड़ी है हमारे सम्बन्ध के संसार में। आप... Read more