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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक ।
मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली ।
मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

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All Postsकविता (2)गज़ल/गीतिका (126)मुक्तक (28)गीत (2)शेर (3)दोहे (2)लघु कथा (1)कुण्डलिया (4)
मुझे जहरीली हरगिज़ बोलियाँ अच्छी नहीं लगतीं
ग़ज़ल ******* 1- हँसी होठों को दे अब सिसकियाँ अच्छी नहीं लगतीं जरा शीरी ज़बां कर तल्ख़ियाँ अच्छी नहीं लगतीं 2- जला दें उन घरों... Read more
मेरा प्रथम प्रयास लघुकथा ???? समय की चोट खाकर लता बहुत निराश हो चुकी थी। इस समय उसे किसी सहारे की तलाश थी, जो उसके... Read more
विषय : आसान
?????? मुश्किले- दौर भी आसान खुदा कर देगा तुझसे खुशियों की वो पहचान खुदा कर देगा मत परेशान हो आफत-ओ-बलाओं से तू वो सिहतयाब ऐ... Read more
वतन की चाह
चाहत ये वतन की तो दिल से न निकलती है अब खुश्बू-ए-मिट्टी से हर सांस महकती है हम जाएँ कहीं लेकिन इसकी ही इबादत में... Read more
कुण्डलियाँ
कुण्डलियाँ छंद *************** नफ़रत का अब घुल गया, धुआँ अनिल में आज। प्रेम मिटा कर हो गया, गंदा आज समाज।। गंदा आज समाज,घर- घर हुए... Read more
दोस्ती
तस्वीरी अहसास दोस्ती अब अदू भी निभाने लगे लग रहा अम्न के दिन हैं आने लगे काश! इंसान भी कुछ सबक़ इनसे ले फिर मसर्रत... Read more
यहाँ इश्क़ के सब ही मारे मिलेंगे
ग़ज़ल ----------- तेरे बज़्म में हम तो आते रहेंगे ग़ज़ल के दिखाते उजाले रहेंगे जफ़ाएँ करो तुम ये मर्ज़ी तुम्हारी मुहब्बत सदा हम निभाते रहेंगे... Read more
राखी गीत
Pritam Rathaur गीत Aug 13, 2017
राखी के पावन पर्व पर देश के समस्त भाई बहनों को सादर समर्पित ?????? सावन के माह में जब ये पुर्णिमा है आई गद गद... Read more
दोहे
रक्षा बंधन के पर्व पर कुछ दोहे-- 1- बहुत मुबारक आपको, राखी का त्योहार । सदियों तक कायम रहे, भाई बहन का प्यार ।। ?????... Read more