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ऐ....ज़िन्दगी
pratik jangid लेख May 23, 2017
ज़िन्दगी में कुछ ना कुछ तो बेहतरीन जरूर कर लूंगा । ऐ…ज़िन्दगी देख मे तेरा कहा तक पीछा करता हु।।
एक कहानी
आज बरसो बाद अपने शहर अपने गाँव जाने की खुशी ओर माँ से मिलने की उत्सुकता मे पता ही नही मेने अपनी माँ ओर छोटे... Read more
उलझन
मेरी बातो को इस कदर ना समझना की मे तुमको उलझा रहा हु । बस इतना समझ लेना खुद उलझा हुआ हु। तो खुद को... Read more
इम्तेहान
जिंदगी की जंग में हर कदम हर मोड़ पर इम्तेहान होता हैं ! तब जाकर किसी शख्स का सपना साकार होता हैं !! यु ही... Read more
WELCOME 2017
अरसा हो गया मुझे बदले , अब तो मुझे बदलने दो ! कभी पन्ना बदला करता था , अब तो मुझे पूरा बदलने दो !... Read more
मुझे याद हे
मुझे याद हे जब तुम मेरा हाथ मांगने आये थे I थोडा घबराये और कितना शरमाये थे I बाते करने में भी तुम कितना हिचकाये... Read more
ये  आंखे
अन कहे शब्दों को बयां कर जाती हें I एक अजनबी से ये आंखे न जाने क्या कह जाती हैं I इक रिश्ता सा बन... Read more
बेताब कलम
pratik jangid लेख Sep 23, 2016
कलम भी चलने को बेताब हे . और लब्ज होटो से फिसलने को , अब तो कागज़ का पन्ना भी थम सा गया हे कलम... Read more