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पुलिंदा झूठ का केवल नहीं लिखता मैं गजलों में। rnहजारों रंग ख्वाहिश के नहीं भरता मैं गजलों में।।

All Postsकविता (4)गज़ल/गीतिका (22)मुक्तक (8)गीत (1)
तब और महाभारत होगा।
सुप्रभात मित्रों। सिंहासन के बगुले जब जब हंसों को ललकारेंगे। जब जब रावण सिया हरण को भेष जोगिया धारेंगे। जब जब भरी सभा में पंचाली... Read more
सियासत
करे चाहे नहीं कुछ भी, बजा पर ढोल देगी ये। मिलाकर झूठ को सच में, तराजू तोल देगी ये।। सियासत तो सियासत है, सियासत का... Read more
किसान भूखा है।
किसी की चाहतें प्यासी, कोई अरमान भूखा है। कहीं मजदूर भूखे हैं, कहीं किसआन भूखा है।। जिसे हो देखना देखो, निगाहों से मेरी आकर। सड़क... Read more
सियासी राग
सियासी राग गाया जा रहा है। हमें उल्लू बनाया जा रहा है।। गडे़ मुर्दे उखाडे़ जा रहे हैं। मगर सच को दबाया जा रहा है।।... Read more
सनम मेरा मुझसे चुराता है मुझको।
रुलाता है मुझको हँसाता है मुझको। सनम मेरा' मुझसे चुराता है मुझको।। जिसे हर कदम पर सँभाला था मैंने। वही आज आँखें दिखाता है मुझको।।... Read more
रूठा रुठा सा लगता है मुझको ये भगवान तभी।
गजल ज्यादा पैसे की चाहत है, भूल गया मुस्कान तभी।। खुदा देवता बनना चाहा नही रहा इंसान तभी।। दया भावना बची न बिलकुल इंसां एक... Read more
चंद्रशेखर आजाद।
अमर शहीद महान क्रांतिकारी पं० चंद्रशेखर आजाद जी के जन्मदिवस पर कोटि कोटि नमन करते हुये कुछ पंक्तियाँ। जिसने बल पौरुष साहस को एक नया... Read more
गान तेरा सदा गुनगगुनाता रहूं।
गीत तेरे लिखूं छंद तेरे लिखूं गान तेरा सदा गुनगुनाता रहूं। रक्त अपना बहा सरहदों पर ते'री, भारती कर्ज तेरा चुकाता रहूं।। शारदे दीजिये धार... Read more