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I m working as an engineer in software company .I m fond of writing poems .

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All Postsकविता (19)
माँ
"थक के टूट चुकी हूँ माँ अब लड़ के हार चुकी हूँ माँ अब , बहुत रुलाया मुझे अपनों ने और ज़माने ने पर अब... Read more
ओछी राजनीती
"अफ़सोस है की हम इतने बेशर्म हो गए भारतीय होने से पहले हिन्दू मुस्लमान हो गए ! जिधर देखो बस विरोध की ही आग है... Read more
माँ  अम्बे
"मदद करो हे माँ आंबे ,ध्यान धरु तेरा आंबे शेरावाली माँ आंबे ,मेरी भी सुन तू आंबे संघर्षरत रही हूँ मै , गिरकर उठना सीखी... Read more
सेना पे राजनीती
"देश है महान अपना ,शौर्यता की खान है , इस धरा पे चमकते सूर्य के सामान है ! हिमालय जिसका मुकुट और हिन्द जिसका नाम... Read more
बिखरता  देश
"क्रुद्ध हूँ मै आज देख के देश को , धर्म के नाम पे बांटते स्वदेश को ! गिरा नहीं ,मिटा नहीं जो असंख्य बाहरी लुटेरों... Read more
गजब का देश
"गजब का देश और , गजब के लोग हैं पूजते क्रिकेट को हैं और , ओलंपिक से उम्मीदे हैं बचपन से आजतक बस , क्रिकेट... Read more