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प्रदूषण
सरहदें लाँघ गया घुसपैठिया हर साँस,हर सोच,हर धड़कन को नजरबंद किया प्रकृति की पीठ पे छुरा भोंप अपनी साख जमा दी इंसानों ने भी तो... Read more
हे भारत माँ
ये जमीं तेरी,येआँसमाँ तेरा,येआबोहवा,प्रकृति व जहाँ भी तेरा, येजीवन,तन,साँस,लहू और ये धड़कन भी तेरी तेरा तुझको क्या मैं अर्पण करूँ ? बस वादा है ये................ Read more
यादें
मेरी याद का कोई कतरा जब रखोगे तुम अपनी आँखों में तो शायद........ तुम्हारी आँखों भी नम होंगी ,उसी तरह जिस तरह मेरी आँखों भीग... Read more
उम्मीद
उम्मीद का एक टुकड़ा हूँ जबकि दिल से टूटा हूँ,फिर भी पूरा हूँ तुम सम्हाल कर रखना मुझे अगर टूटुगा तो बिखर जाऊँगा दिल में... Read more
कन्या भ्रूण (मैं तुम्हारा ही अंश हूँ )
क्या मेरी मौजूदगी का अहसास है तुम्हें क्या मेरे अस्तित्व काआभास है तुम्हें क्या मेरी धङकनौं से जुङे है तुम्हारे दिल के तार क्या मेरी... Read more