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अंधेरा हमें ख़ुद हटाना पड़ेगा...!
अंधेरा हमें ख़ुद हटाना पड़ेगा उजाला दरीचों से लाना पड़ेगा। मुहब्बत की जब तक रवानी रहेगी बहारों को गुलशन सजाना पड़ेगा। नज़ाकत से' मेरी ख़ता... Read more
अंधेरा हमें ख़ुद हटाना पड़ेगा...!
अंधेरा हमें ख़ुद हटाना पड़ेगा उजाला दरीचों से लाना पड़ेगा। मुहब्बत की जब तक रवानी रहेगी बहारों को गुलशन सजाना पड़ेगा। नज़ाकत से' मेरी ख़ता... Read more
बिना  माँ के जीवन  गुज़ारा  बहुत है...
मिला जख़्म हमको क़रारा बहुत है बिना माँ के जीवन गुज़ारा बहुत है। ख़ज़ाना मेरा सादगी है मगर क्यूँ मुझे ज़िंदगी ने नकारा बहुत है।... Read more
जान लेती है कसम से ये  नज़ाकत प्यार की
जान लेती है कसम से ये नज़ाकत प्यार की खेलना जुल्फों से' तेरा है कयामत प्यार की।। हो रहे मदहोश सब क्यूँ देखकर आवो-हवा ग़ौर... Read more
बेदर्द ज़माने ने क्या खूब सताया है...
बेदर्द ज़माने ने क्या खूब सताया है मज़लूम सर-ए-महफ़िल नज़रों से गिराया है। यह बात सितम की है बदनाम किया हमको हर फ़र्ज़ मुहब्बत का... Read more
बेटियां
फूल सी खुश्बू लुटातीं बेटियां जब कभी भी मुस्कुरातीं बेटियां। खुशनुमा माहौल होता हर तरफ प्यार से जब खिलखिलाती बेटियां। हो जरूरत रोशनी की ग़र... Read more