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नाम -- सौ .ओनिका सेतिआ "अनु'
आयु -- ४७ वर्ष ,
शिक्षा -- स्नातकोत्तर।
विधा -- ग़ज़ल, कविता , लेख , शेर ,मुक्तक, लघु-कथा , कहानी इत्यादि .
संप्रति- फेसबुक , लिंक्ड-इन , दैनिक जागरण का जागरण -जंक्शन ब्लॉग, स्वयं द्वारा रचित चेतना ब्लॉग , और समय-समय पर पत्र-पत्रिकाओं हेतु लेखन -कार्य , आकाशवाणी इंदौर केंद्र से कविताओं का प्रसारण .

Hometown: फरीदाबाद (हरियाणा )
Published Books

आनंद रसधारा (भजन),
अफ़साना (ग़ज़ल -गीत संग्रह )

Awards & Recognition

पर्यावरण प्रहरी ( ग्रीन केयर सोसाईटी ,मेरठ )

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All Postsकविता (24)गज़ल/गीतिका (10)मुक्तक (4)शेर (5)
तकदीर
आज मेरी तकदीर रुसवा हुई है मुझसे , ना जाने क्या बात है जो खफा है मुझसे , तुम्ही बताओ दोस्तों ! अब मैं क्या... Read more
कुछ शेर
Onika Setia शेर Nov 3, 2017
१, हम बदनसीब तो तन्हाई में जीते हैं, महफ़िल में तो हमारा दम घुटता है. २, यह तेरी बेरुखी ,यह तेरा मिजाज़ कैसा है, आज... Read more
एक आह (मुक्तक )
जिंदगी गर खुशनुमा होती , तो मौत का ख्याल क्यों करते ? क्यों हर वक्त रह रह कर , दामां को अश्कों से अपने भिगोते... Read more
रुखसत (ग़ज़ल)
हम रुखसत लेते हैं तुम्हारे पहलु से , सभी गिले-शिकवे तुम अब भुला देना. जो भी खता हो गयी हो अनजाने में , मेरे दोस्त... Read more
संगीत (कविता)
एक प्राण में सभी प्राण , ऐसे है समय हुएें। एक सुरभि में जैसे , सभी पुष्प महकाए हुएें। रूप हों अनेक किन्तु , मूरत... Read more
इश्क (मुक्तक )
तेरे इंतज़ार में जागती इन आँखों को, देखा है अश्क-ऐ-गुहर से भरी महो-अंजुम की नज़रों नेे। और ज़रा सी आहट पर तपते फर्श पर, दौड़ते... Read more
समागम (कविता )
एक नूर से है सारा जग रौशन, इस पृथ्वी का प्रत्येक जड़-चेतन, सभी में है देखो''वह''विद्यमान, या हो ज़मीं या हो आसमान। ''वह'है एक मंजिल... Read more
''वह ''(कविता)
वह है मेरी आँखों में, इस तरह क़ैद। मेरे आंसुओं के हर एक , कतरे में समाया हुआ। वह है मेरी साँसों में, फूलों सा... Read more
यामिनी (कविता)
काले आँचल पर , चमकते ज्यों सितारेे। यामिनी ने ही सजाये हैं, नभ पर चमकते तारेें। घूँघट में अपने चाँद सा मुखड़ा कभी छुपाये ,... Read more
व्यथा (कविता)
मेरे ह्रदय में उठता, प्रेम का अथाह आवेगें। जैसे सागर में उठती, चंचल मदमस्त लहरें। उठती हुई यह लहरें, चाँद को छूने का असफल, प्रयास... Read more