Skip to content
आस
साहित्यकारों के लिए बनी इस साइट का एक बार अवलोकन जरूर करें । अगर पसंद आये तोअपनजागती काली रातें ,आखों से नीदें रूठी घुटी घुटी सी... Read more
भाव भंगिमा
मूक हूँ मैं, मौन हूँ मैं, मुझको तू जुबान दे,,, देखकर बस भाव भंगिमा, मुझमें तू जाँ डाल दे,,, दे नये आयाम इस चित्र को... Read more
मैं और मेरी जिंदगी
,हंसती खिलखिलाती सी जिंदगी अक्सर यूं ही रूठ जाया करती है दिखाकर सप्तरंग सपने श्वेत श्याम हो जाती जिंदगी भाग जाती छूट जातीमेरे हाथों से... Read more
आवेष्
nutan agarwal गीत Sep 13, 2016
कुछ दिन पहले जेल में कुछ बंदियो से मिलना हुआ उनकी आखों की मार्मिक पीड़ा लिखने की कोशिश इस गीत के द्वारा ?? इक पल... Read more
बदरा
उमड़ घुमड़ बरस रये बदरा हुलस हुलस मन बह रयो कजरा आय रयी है याद पुरानी मीठीसी कोई प्रीत पुरानी अधरों पे नाचे कोई कहानी... Read more
घाव
उघङ जाते हैं कुछ घाव मरहम लगाने के फेर में धीरे से किसी कोने से रिस जाया करते हैं छोड़ जाते हैं फीकी सी हँसी... Read more
सपने
.सपने कुछ सपने नहीं होते कभी पूरे और रहते हैं सदा जवां नहीं होते कभी बूढ़े बस रख जाते हैं गिरवी समय के हाथों पर... Read more