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नितिन शर्मा , इटावा कोटा ( राजस्थान ) - ग़ज़ल /मुक्तक लेखन
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All Postsकविता (1)गज़ल/गीतिका (26)मुक्तक (27)लेख (1)शेर (3)
[[  तुम्ही हो  जिंदगी  मेरी  तुम्ही  हो  आसमाँ मेरा  ]]
✍ तुम्ही हो जिंदगी मेरी तुम्ही हो आसमाँ मेरा तुम्ही हो हमसफ़र मेरी तुम्ही हो राजदां मेरा नही अब हम अकेले है तुम्हारा साथ है... Read more
( चंद शेर )
Nitin Sharma शेर Dec 6, 2016
1. उनकी'यादों ने हँसाया देर तक बेबसी ने फिर रूलाया देर तक 2. नही आसान ये उल्फ़त नितिन अब ग़मो ने तुझ को भी मारा... Read more
【 आख़री ख़त 】
तुम्हारा ख़त मिला खून में नहाया हुआ अल्फाज रोते हुऐ मिले मानो रिहाई की दुहाई दे रहें हों.. ख़त देखकर उतना ही स्तब्ध हूँ जितना... Read more
[[ इश्क़  में  जब  दूरियाँ  तुमको  कभी  लगने  लगे ]]
? ग़ज़ल इश्क़ में जब दूरियाँ तुमको कभी लगने लगे आँसुओ की धार जब तुमको नदी लगने लगे [[[[[[[[[[[[[[[[[}:::::::::::::::::::::::::::::::::::::]]]]]]]]]]]]]]]]]]]} मान लेना हो गया है प्यार... Read more
[[ दिल्लगी  उनकी  कहानी  संगदिल  भाती नही ]]
? दिल्लगी उनकी कहानी संगदिल भाती नही ,! बात आखिर क्या हुई क्यों मुझको बतलाती नही ,!! १ ?✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒? ? क्या हुई गलती मुझे कुछ... Read more