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जन्म:- लोरमी,छत्तीसगढ़(भारत)
शिक्षा- नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नॉलजी रायपुर, छत्तीसगढ़ से कम्प्यूटर टेक्नॉलजी में स्नातकोत्तर।
सम्राट अशोक टेक्नॉलजी कॉलेज विदिशा (म प्र) से कम्प्यूटर साइंस में स्नातक।
स्थान- न्यूयॉर्क, यूएसए
कार्यक्षेत्र- ९ वर्ष तक कालेज अध्यापन अब स्वतंत्र लेखन। ब्लाग लेखन।
गीत, गजल, दोहे, सवैया, हाइकु,छंदमुक्त, कहानी और व्यंग्य विधाओं में सक्रिय।
कृतियाँ-
कविता संग्रह- अब मैं मन का करतीं हुँ
चलो फिर एक बार
कुछ बचा है हमारे बीच
दिन

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All Postsकविता (6)मुक्तक (1)लेख (2)शेर (15)दोहे (1)हाइकु (1)
कुछ शब्द~१४
(१) तेरी रिफ़ाक़त की ख़्वाहिश लिए जीते है अगर ये पूरी हो जाए तो जाने क्या हो *रिफ़ाक़त= companionship, साथ (२) चलो पोंछते है आँसू... Read more
कुछ शब्द ~१४
(1) तेरे प्यार में मौक़ूफ़ बैठे थे आँख बंद किये आँख खोली तो ख़ुद को बहुत तनहा पाया *मौक़ूफ़= dependent, निर्भर (2) तुम आये ऐसे... Read more
कुछ शब्द~१३
(१) तुम ढूँढते रहे ख़ुद को मेरी कविता में तुम बसे थे शब्द-ए-वक़्फ़ा के मौन में *वक़्फ़ा =Interval, अंतराल (२) लिहाज़ मोहब्बत का कुछ इस... Read more
हाइकु
हाइकु :- (१) माँ की लाडली गयी नये घर में पाले लाडली (२) नहीं आसान सच की राह पर चलना अब (३) प्यासी चिड़िया ढूँढ... Read more
कुछ शब्द~१०
मैंने माँगी थी थोड़ी-सी ख़ुशी तुमने ग़मों से भर दी ज़िंदगी ----- आओ पास बैठे, कुछ इख़्तिलाफ दूर करे वक़्त क्यूँ ज़ाया करे हम, यूँ... Read more
कुछ शब्द~९
(१) तू मुझसे ना अब कोई गिला रख टूटे हुए रिश्तों से ना आसरा रख *गिला= complaint (२) रोशनी देना ही तुम्हारा काम है जब... Read more
कुछ शब्द~८
(1) बरसात है, चाँदनी है, फ़िराक़ सहे कैसे। तुम्हीं से मिला दर्द, तुम्हीं से कहे कैसे।। *फ़िराक़ = separation, parting (2) धर्म के नाम पर... Read more
कुछ शब्द~८
(१) क्यूँ हर शाम अब सुनी-सी है? कभी जहाँ हम साथ हँसा करते थे। (२) तेरे बग़ैर भी ज़िंदगी गुज़र रही है बड़ी बेचैन दिन... Read more
कुछ शब्द~७
(१) मरकज़-ए-दिल में हुँ, मुझे बाहर ना कर तलाश। साथ तब भी हुँ जब कोई नहीं तुम्हारे पास।। *मरकज़= केंद्र (२) हर ख़्वाब मुजस्सम हो... Read more
कुछ शब्द~६
(१) मन को खाली कर देना अच्छा होता है कोई समझे या ना समझे कह देना अच्छा होता है... (२) क्यूँ हर शाम अब सुनी-सी... Read more
कुछ शब्द-४
(१) ‪तेरे प्यार के घेरे में, एक बार क्या आये‬ फ़िर कभी हमें, ग़मों से नजात ना मिलीं।। (२) तेरे हाथों में अब मेरा हाथ,... Read more
कुछ शब्द-३
(१) बड़े व्यस्त हैं सभी, ज़िंदगी के मेले में वक़्त नहीं, अपने या अपनो के लिए नक़ाब हैं कई, हर एक चेहरे पर अकेले में... Read more
कुछ शब्द-२
(१) एक चाह थी फ़लक की कभी। वो उम्मीद अभी भी बाक़ी हैं।। (२) इन दूरियों से भी कहाँ ख़लल हुआ? जो भी दोस्त मिलता... Read more
कुछ शब्द
(१) ‪शफ़क-ए-शाम आसमाँ में अभी भी हैं।‬ तेरे इंतज़ार में बैठा कोई अभी भी हैं।। (२) असर तेरे बातो का कम ना था उस पर... Read more
उपहार
उपहार ------- कितने उपहार तुमने दिये मैं तुम्हें क्या दूँ? मेरे पास शब्द भी कम है कि तुम्हें बाँध लूँ। नहीं चाह नभ छूने की,... Read more
करते हम जयगान
देश हमारा भारत, करते हम जयगान, तन समर्पित, मन समर्पित, और समर्पित प्राण, तुम पर जाने कितने वीर हुए बलिदान, है क्या कर्त्तव्य हमारा, अब... Read more