Skip to content
Published Books

एक दर्जन के करीब

Awards & Recognition

कई संस्थाओ से

All Postsकविता (37)लघु कथा (1)कहानी (15)
गरीब बेरोजगार
गरीब बेरोजगार मेरे घर में तीन आंखें तीनों निस्तेज, भावना रहित आशा बदली निराशा में तीनों चुपचाप टकटकी लगाए इंतजार में हैं शायद किसी के... Read more
नौ कन्या
नौ कन्या आज सुबह ही बीवी ने मेरी मुझे धंधेड़ा और उठाया । आंखें मलते मैं उठ बैठा क्या है भाग्यवान , क्यों शोर मचाया... Read more
विनाश और रचना
विनाश और रचना ब्रह्माण्ड में पृथ्वी से कण कितने हर कण में टूट-फूट बनता-बिगड़ता हर कण पर करोड़ों जीव जीवन यापन कर इसके साथ ही... Read more
मेरे गीत
मेरे गीत मेरे गीत तुम्हारे पास स्वर मांगने आयेंगे । कंठ पर तुम्हारे ये गीत खेलेंगे और लहरायेंगे। माना मेरे गीतों में सुर है ना... Read more
धरती
धरती मैंने उसको जब भी देखा, खिलते देखा उजड़ते देखा बहकते देखा महकते देखा हंसते देखा रोते देखा स्वर्ण सुरभि छेड़ते देखा पर इसको जब................ Read more
हिन्दी साहित्य
हिन्दी साहित्य साहित्य के अथाह सागर में डुबकी लगाना चाहता हूं, डुबे हुए बहुमूल्य शब्द चुन हिन्दी को बचाना चाहता हूं । आज जरूरत है... Read more
वतन की ओर वापसी
वतन की ओर वापसी एक अधेड़ उम्र, सफेद बाल, कमर से झुकी, बार-बार खांसती, अपने चौदह-पन्द्रह साल के पुत्र के साथ अमृतसर रेलवे स्टेशन पर... Read more
दूसरा जन्म
दूसरा जन्म अधेड़ उम्र की औरत गांव से बाहर काफी दूर एक बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर चिल्ला-चिल्ला कर अपने आपको कोसती... Read more
मांग
मांग कॉलेज के पिछे वाले ग्राऊंड में बहुत सारे पेड़ों के बीच एक लंबे-चौड़े छाया वाले पेड़ के नीचे सुमन किसी का इंतजार करते हुए... Read more
तेरी जय हो
तेरी जय हो हे अन्नदात्री, हे सुखदात्री हे जन्मभूमि, हे कर्मभूमि तेरी जय हो, तेरी जय हो। भाग्य को बनाने वाली हृदय दीप जलाने वाली... Read more
बसंत जी
बसंत जी। पैराें में मखमली जूतियां सिर पर पगड़ी फूलों की हरियाली रूपी ओढ़ काम्बली आ गए महंत बसंतबया बयार चले ठंडी होकर तन में... Read more
बेटी
गरीब की बेटी एक गरीब की लक्ष्मी बेटी उसे ओर कंगाल बना जाती है। जब अपनी शादी करके वह अपनी ससुराल को जाती है। बच्ची... Read more
हमारा जीवन
हमारा जीवन ओंस की कुछ बूंदे ज्यों मोती बन चमकने लगती हैं, घास की चंद शिखाओं पर वैसे ही बने ये जीवन हमारा। जिसका काल... Read more
बदलाव
बदलाव वह औरत जिसका नाम कमला था । आज तो मुझे किसी भी किमत पर नही छोड़ने वाली थी । क्योंकि सुबह से ही हर... Read more
हृदय के विचार
हृदय के विचार। आज मेरी सीमाओं का बांध सा टूटा जाता है। उफन-उफन कर यूं समुद्र लहरों में बिखर जाता है। इसके साथ में आने... Read more
पृथ्वी भ्रमण
पृथ्वीभ्रमण नारायण-नारायण, महाराज विष्णु की जय हो। हे तीनों लोकों के स्वामी भगवान विष्णु आपकी जय हो। क्या बात है नारद मुनि, आपने बहुत दिनों... Read more