Skip to content
मै और तुम !
ये क्या हो रहा है मुझे जब से तुम्हे देखा है दिल करता है बस तुम और मैं और हमारी कभी ना खत्म हो बाते।... Read more
विरह !
सोचा नहीं था, तुम्हारी चाहत की खातिर अंगारो पर चलना होगा, शोलो में जलना होगा, तुम्हारा प्यार था ये, या कोई नफरत का सिला, पर... Read more
मूर्तिकार
मूर्तिकार। बनाता हूँ मैं, भगवान की मूर्तियां सूंदर से सूंदर बने, कोशिश यही होती है मेरी। बड़े ध्यान से, बड़े चाव से, करता हूँ पूरी।... Read more