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#महादेव

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All Postsकविता (1)मुक्तक (309)
मुक्तक
तेरी कभी दिल से ख्वाहिश नहीं जाती! तेरे ख्यालों की नुमाइश नहीं जाती! जाती नहीं हैं यादें मेरे जिगर से, तेरे दर्द की पैदाइश नहीं... Read more
मुक्तक
हम सभी मरते हैं लेकिन जीते नहीं सभी! जाम को हाथों में लेकर पीते नहीं सभी! हर रोज ढूंढ लेते हैं यादों में दर्द को,... Read more
मुक्तक
हम सभी मरते हैं लेकिन जीते नहीं सभी! जाम को हाथों में लेकर पीते नहीं सभी! हर रोज ढूंढ लेते हैं यादों में दर्द को,... Read more
मुक्तक
तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ! तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ! डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में, मयकशी की झूमती अंगड़ाई... Read more
मुक्तक
मेरी तन्हाई में जब भी गुजर होती है! मेरे ख्यालों में ख्वाबों की सहर होती है! दर्द की कड़ियों से जुड़ जाती है जिन्दगी, यादों... Read more
मुक्तक
लहरों की दोस्ती किनारों से होती है! ख्वाबों की दोस्ती नजारों से होती है! जाता हुआ पल भी आता नहीं दुबारा, गुफ्तगूं ख्याल में हजारों... Read more
मुक्तक
मेरे गम को मेरा ठिकाना मिल जाता है! तेरे ख्यालों का आशियाना मिल जाता है! जब दिल को सताती है प्यास तमन्नाओं की, मेरी तिश्नगी... Read more
मुक्तक
हवा सर्दियों की पैगामे-गम ले आती है! वक्ते-तन्हाई में तेरा सितम ले आती है! तूफान नजर आता है अश्कों में यादों का, तेरी चाहत को... Read more
मुक्तक
कबतक देखता रहूँ तुमको देखकर? कबतक सोचता रहूँ तुमको सोचकर? हर साँस गुजरती है मेरे जिस्म की, मेरे लबों की राह से दर्द बनकर! मुक्तककार-... Read more
मुक्तक
कभी तो किसी शाम को घर चले आओ! कभी तो दर्द से बेखबर चले आओ! रात गुजरती है मयखाने में तेरी, राहे-बेखुदी से मुड़कर चले... Read more
मुक्तक
मेरा हरेक आलम ख्वाब तेरा लगता है! तेरा ख्याल सर्दियों में धूप सा जलता है! जब भी सताती हैं सरगोशियाँ इरादों की, नींद के आगोश... Read more
मुक्तक
होते ही सुबह तेरी तस्वीर से मिलता हूँ! तेरी तमन्नाओं की जागीर से मिलता हूँ! नजरों को घेर लेता है यादों का समन्दर, चाहत की... Read more
मुक्तक
तेरी याद में तन्हा होकर रह जाता हूँ! तेरी याद में तन्हा रोकर रह जाता हूँ! जब भी तीर चुभते हैं तेरी रुसवाई के, जाम... Read more
मुक्तक
यादों की राह में सवाल आ जाता है! तेरी रुसवाई का ख्याल आ जाता है! जब भी ख्वाब आते हैं मेरी आँखों में, तेरी जुदाई... Read more
मुक्तक
तेरी आरजू में जमाना भूल गया हूँ! तेरी याद में मुस्कुराना भूल गया हूँ! रात गुजर जाती है मेरी मयखानों में, तेरे प्यार में आशियाना... Read more
मुक्तक
आज की शाम तेरे नाम हो जाए! #दर्द_जुदाई का नाकाम हो जाए! हो जाए गुस्ताखी तेरी याद में, आज फिर से लबों पर जाम हो... Read more
मुक्तक
तेरी रुसवाई से हैरान सा रहता हूँ! तेरी जुदाई से परेशान सा रहता हूँ! बढ़ती ही जा रही हैं घड़ियाँ इंतजार की, अपनी तन्हाई में... Read more
मुक्तक
तेरी रुसवाई से हैरान सा रहता हूँ! तेरी जुदाई से परेशान सा रहता हूँ! बढ़ती ही जा रही हैं घड़ियाँ इंतजार की, अपनी तन्हाई में... Read more
मुक्तक
तेरी रुसवाई से हैरान सा रहता हूँ! तेरी जुदाई से परेशान सा रहता हूँ! बढ़ती ही जा रही हैं घड़ियाँ इंतजार की, अपनी तन्हाई में... Read more
मुक्तक
आज भी मुझको तेरा चेहरा याद है! आज भी चाहत का पल सुनहरा याद है! शर्माती अदाओं का दिल में चुभ जाना, आज भी तेरे... Read more
मुक्तक
मुझसे किसलिए तुम रिश्ता तोड़ गये हो? मेरी चाहत को तन्हा छोड़ गये हो! यादों की आहट रुला देती है मुझको, #साँसे_जिस्म को गमों से... Read more
मुक्तक
कोई नहीं है मंजिल न कोई ठिकाना है! हरपल तेरी याद में खुद को तड़पाना है! मैं कैसे रोक सकूँगा नुमाइश जख्मों की? जब शामे-तन्हाई... Read more
मुक्तक
मुझको याद फिर तेरा जमाना आ रहा है! मुझको याद फिर तेरा फसाना आ रहा है! चाहत की मदहोशी से जागी है तिश्नगी, मुझको याद... Read more
मुक्तक
तेरी यादों की चुभन आज भी होती है! तेरी चाहत की लगन आज भी होती है! हर वक्त करवटों में आते जाते हो तुम, तेरी... Read more
मुक्तक
होते ही शाम तेरी प्यास चली आती है! मेरे ख्यालों में बदहवास चली आती है! उस वक्त टकराता हूँ गम की दीवारों से, जब भी... Read more
मुक्तक
जब से लबों पे आया है तेरा नाम फिर से! जैसे लबों पे आया है कोई जाम फिर से! तेरी याद बंध गयी है साँसों... Read more
मुक्तक
तेरे सिवा दिल में कोई आता नहीं कभी! तेरे सिवा दिल को कोई भाता नहीं कभी! मुझे मंजिल मिल न पायी तकदीर से लेकिन, सिलसिला... Read more
मुक्तक
मेरी नजर से दूर तुम जाया न करो! मेरी चाहत को तुम तड़पाया न करो! तेरे लिए बेचैन हैं मेरी ख्वाहिशें, मेरे प्यार पर गमों... Read more
मुक्तक
मुझसा कोई तेरा दीवाना नहीं होगा! मुझसा कोई तेरा परवाना नहीं होगा! हार चुका हूँ मंजिल को तकदीर से लेकिन, मुझसा कभी मशहूर अफसाना नहीं... Read more
मुक्तक
मंजिल की तलाश में तूफान मिल जाते हैं! रास्तों में ख्वाबों के शमशान मिल जाते हैं! उस वक्त भीग जाती हैं आँखें अश्कों से, जब... Read more