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मुक्तक
होते ही शाम तेरी प्यास चली आती है! मेरे ख्यालों में बदहवास चली आती है! उस वक्त टकराता हूँ गम की दीवारों से, जब भी... Read more
मुक्तक
जब से लबों पे आया है तेरा नाम फिर से! जैसे लबों पे आया है कोई जाम फिर से! तेरी याद बंध गयी है साँसों... Read more
मुक्तक
तेरे सिवा दिल में कोई आता नहीं कभी! तेरे सिवा दिल को कोई भाता नहीं कभी! मुझे मंजिल मिल न पायी तकदीर से लेकिन, सिलसिला... Read more
मुक्तक
मेरी नजर से दूर तुम जाया न करो! मेरी चाहत को तुम तड़पाया न करो! तेरे लिए बेचैन हैं मेरी ख्वाहिशें, मेरे प्यार पर गमों... Read more
मुक्तक
मुझसा कोई तेरा दीवाना नहीं होगा! मुझसा कोई तेरा परवाना नहीं होगा! हार चुका हूँ मंजिल को तकदीर से लेकिन, मुझसा कभी मशहूर अफसाना नहीं... Read more
मुक्तक
मंजिल की तलाश में तूफान मिल जाते हैं! रास्तों में ख्वाबों के शमशान मिल जाते हैं! उस वक्त भीग जाती हैं आँखें अश्कों से, जब... Read more
मुक्तक
मैं कबतक राह देखूँगा तेरे आने की? तुमको राहे-जिन्दगी में फिर से पाने की! धीरे धीरे चुभ रही है तन्हाई दिल में, जाग उठी है... Read more
मुक्तक
क्यों तुम शमा-ए-चाहत को बुझाकर चले गये? क्यों तुम मेरी जिन्दगी में आकर चले गये? हर गम को जब तेरे लिए सहता रहा हूँ मैं,... Read more
मुक्तक
मैं तुमको प्यार इसतरह करता रहूँगा! तुमको अपनी साँसों में भरता रहूँगा! तेरे लिए ही जिन्दा है मेरी जिन्दगी, तेरे लिए ही बार-बार मरता रहूँगा!... Read more
मुक्तक
मेरे दिल से तेरी बेवफाई न गयी! मेरी नजर से तेरी रुसवाई न गयी! मुश्किल से अंजाम को भूला हूँ लेकिन, तेरे प्यार की कभी... Read more
मुक्तक
हमें देखकर जिसको करार मिलता है! ऐसा बड़े नसीब से यार मिलता है! साथ जो देता है हरपल जिन्दगी में, ऐसा मुश्किलों से दिलदार मिलता... Read more
मुक्तक
जो दिल में छुपी हुई है उस बात को समझो! जो मुझको तड़पाती है उस रात को समझो! कभी नींद नहीं आती है तेरी चाहत... Read more
मुक्तक
जिन्दगी जब भी किसी से प्यार करती है! हर वक्त उसी का इंतजार करती है! शाम गुजर जाती है उसी की यादों में, रात तन्हाई... Read more
मुक्तक
मेरी याद आए तो आवाज दे देना! अपनी उमंगों को नया साज दे देना! ढूंढ लेना तस्वीरें चाहत की फिर से, जिन्दगी को एक नया... Read more
मुक्तक
काश तुमको फिर से याद मैं आ जाऊँ! काश तुमको फिर से जिन्दगी में पाऊँ! तेरे दर्द को भूल सकता हूँ लेकिन, कैसे तेरे प्यार... Read more
मुक्तक
तेरे बगैर जिन्दगी रूठी हुई सी है! मंजिल भी आगोश से छूटी हुई सी है! जागी हुई सी रहती हैं ख्वाहिशें लेकिन, अब राह उम्मीदों... Read more
मुक्तक
तेरी बेकरारी आज भी कमाल है! मेरी जिन्दगी को तेरा ही ख्याल है! भूल गया हूँ दर्द के अंजाम को मगर, तेरी जुदाई का आज... Read more
मुक्तक
सामने है साकी मंजिल भी शराब है! मेरी जुस्तजू में तेरा ही शबाब है! तिश्नगी जाती नहीं है तेरी जिगर से, तेरी #अदा_ए_हुस्न इतनी लाजवाब... Read more
मुक्तक
कभी गम कभी मुझको तन्हाई मार देती है! तेरी तमन्नाओं को जुदाई मार देती है! मैं राहे-इंतजार में बैठा हुआ हूँ लेकिन, ऐतबार को तेरी... Read more
मुक्तक
मैं तेरी आरजू की नुमाइश नहीं करता! मैं तेरी यादों की पैमाइश नहीं करता! दीपक जलाए बैठा हूँ गमें-इंतजार का, मैं जिन्दगी में गैर की... Read more
मुक्तक
मेरी शाम जब तेरा इंतजार करती है! तेरी याद को दिल में बेशुमार करती है! खुली हुयी सी रहती हैं हसरतों की बाँहें, ख्वाहिशों को... Read more
मुक्तक
कुछ लोग जिन्दगी में यूँ ही चले आते हैं! कुछ लोग वफाओं को यूँ ही भूल जाते हैं! कई लोग तड़पते हैं किसी की जुदाई... Read more
मुक्तक
मैं जिन्दगी में मंजिले-मुकाम तक न पहुँचा! मैं जिन्दगी में प्यार के पयाम तक न पहुँचा! यादों की डोर से बंधा हूँ आज भी मगर,... Read more
मुक्तक
मैं बहुत बेकरार हूँ तुमसे बात करने को! गुजरे हुए ख्यालों से फिर मुलाकात करने को! जब यादें तड़पाती हैं मुझको तन्हाई में, जिन्दगी रुक... Read more
मुक्तक
किसतरह तेरी यादों की रात जाएगी? किसतरह तेरे गम की सौगात जाएगी? जागे हुए हैं ख्वाब भी आँखों में कबसे, कब तेरी चाहत से मुलाकात... Read more
मुक्तक
तेरी उम्र तन्हाई में गुजर न जाए कहीं! तेरी जिन्दगी अश्कों में बिखर न जाए कहीं! क्यों इसकदर मगरूर हो तुम अपने हुस्न पर? कोई... Read more
मुक्तक
आरजू हालात की मोहताज नहीं होती है! ख्वाहिशों में लफ्जों की आवाज नहीं होती है! जब रोक देती है कदमों को तकदीरे-मंजिल, हर आदमी की... Read more
मुक्तक
जब हमारा किसी से रिश्ता टूट जाता है! प्यार का हाथों से गुलिस्ताँ छूट जाता है! हम खोजते हैं मंजिलें वफाओं की लेकिन, रास्तों में... Read more
मुक्तक
आज भी मुझको तेरा हसरत-ए-दीदार है! आज भी मेरी नजर को तेरा इंतजार है! जोड़ता रहता हूँ तेरी चाहतों की कड़ियाँ, आज भी मुझको तमन्ना... Read more
मुक्तक
मैं तेरी तमन्ना को छोड़कर आया हूँ! मैं दर्द की बंदिश को तोड़कर आया हूँ! मैं भूल गया हूँ मंजिलें राह-ए-इश्क की, अश्कों के तूफान... Read more