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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास।
प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य।
पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित।
जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य।
लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन।

"माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।"
जय वीणा पाणि माता!!!

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All Postsकविता (98)गज़ल/गीतिका (10)मुक्तक (4)गीत (10)लेख (10)शेर (1)दोहे (2)कुण्डलिया (3)लघु कथा (2)कहानी (2)हाइकु (1)
समर्पण
तुम जीत जाओ बार बार। हार कर भी बहुत खुश हैं हम।। तेरे चेहरे पर जीत की ये मुस्कान। हमारे लिए जीत से नहीं है... Read more
नई सुबह
भोर हुई लो भोर हुई रश्मियों ने डाला डेरा सूर्य देवता का हुआ पग फेरा चंचल चिड़िया चहक उठीं पुष्प वाटिका महक उठीं मन मुग्ध... Read more
रोना आया
आज तो यह आलम है दिल का कि हर बात पे दिल घबराया। आहट भी कहीं हल्की सी हुई तो हर बात पे रोना आया।... Read more
खुशी
खुशियाँ हैं आसपास ही कहीं, ढूँढिए तो जरूर मिलेंगी। कीजिए किसी नन्हे बालक से जरा बात, उस की तोतली जुबान में मिलेंगी । कराइए किसी... Read more
मेरी बिटिया
तू प्रातः की सुन्दर किरण। ‌तू बगिया की चंचल बयार। तू चिड़िया की मधुर गूंज। ‌तू संगीत की मीठी सरगम। तू वर्षा की शीतल बूंद।... Read more
हम अकेले
आज फिर दिखने लगा अक्स तेरा धुंधली यादों के झमेले में। तुम तो बस छोड़ गये हमको उलझे हम तो अकेले में। साथ तो तुमने... Read more
उगता हुआ कवि
Ranjana Mathur लेख Aug 30, 2017
मेरी दोहिती पावनी (चुनमुन) अभी मात्र दो वर्ष की है। पता नहीं इतनी नन्ही - सी जान के भीतर कौन सा कवि ह्रदय विराजमान है... Read more
त्राहि-त्राहि
==त्राहि-त्राहि== हे इन्द्र देवता कृपा करो, इतना कहर न बरपा करो। कहीं फट रहे हैं बादल, कहीं बाढ़ कर रही है पागल। रंगीले राजस्थान हो... Read more
नारी तेरे  रूप अनेक
परमात्मा की सबसे प्यारी कृति है नारी। नारी में निहित की उसने जग की शक्तियाँ सारी।। ईश्वर ने ह्रदय दिया है उतना ही कोमल। जितनी... Read more
हर पल
आप हर पल हर क्षण याद आते हैं, जैसे आज भी आप ही मेरी श्वासों की बागडोर चलाते हैं। आती है जब-जब गरमी की ऋतु,... Read more
नेह की  डोरी
नेह की डोरी राखी केवल नहीं है धागा है यह स्नेह की इक डोर सबल। इस प्यार को निभाता हर भाई रक्षा बहन की करे... Read more
सांवलो सलोनो सावन
कविता - - सांवलो सलोनो सावन विधा-वर्ण पिरामिड ओ कारे बदरा बरसो रे आयो सावन उड़े लहरिया गोरी झूले झूलना। छा गये बादल काले काले... Read more
आएगी सबकी बारी
==आएगी सबकी बारी== जो घर में रख न सके तुम अपनों को कभी अब गैरों को हमदर्दी दिखाते क्यूँ हो।। माता-पिता को तो तरसाया सूखी... Read more
दिन बचपन के
मुझे याद आया अपना बचपन, दर्पण में जब देखा प्रतिबिम्ब। कहा आईने से इस बड़प्पन की मूरत को, तू ही संभाल न कर विलम्ब। मैं... Read more
मेरा बंगला
मोनू दोस्तों से तन कर बोला-"फिकर न कर मैं ले आता हूँ तेरी गेंद। ये तो मेरा ही बंगला है।" पानी से भरे स्वीमिंग पूल... Read more
बच्चा
ईश्वर की सबसे अनमोल कृति है बच्चा। किसी ने पूछा मुझसे कि ईश्वर के संदेशों का, कौन है वाहक सबसे अच्छा। मैंने कहा कि एक... Read more
मन कहे मेरा
**** माँ मुझको दूसरे घर नहीं जाना है। मां मैं तो थी तेरे दिल का टुकड़ा। कह देती थी तुझसे मन का हर दुखड़ा। आज... Read more