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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास।
प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य।
पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित।
जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य।
लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन।

"माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।"
जय वीणा पाणि माता!!!

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****बूंद****
‌ ‌समुन्दर में कोई खुली सीप ‌जब समेट लेती है अपने अंक में। ‌तब अंतराल में मोती का रूप ले लेती है वही बूंद। ‌श्रावण... Read more
सुन रे मन
हौसला तुम्हारा होगा और उसे पकड़े रखना तुम मजबूती से । पता है तुमने जन्म लिया है एक ऐसी जिन्दगी की शक्ल में जो कहलाती... Read more
-सपूत भारत माता का -
वाणी में जिसकी मिलती, सिंह जैसी दबंग दहाड़। कर्मठ ऐसा वह जैसे, हो कोई सुदृढ़ पहाड़। जिसने विश्व में भारत, का परचम लहराया। दुश्मन भी... Read more
==सुप्रभात ==
"जाग मुसाफिर हुआ सवेरा, हुई भोर अब मिटा अंधेरा। ये दुनिया एक रैन बसेरा, क्या तेरा और क्या है मेरा। इक दिन छोड़ देना है... Read more
**= इतिहास दोहराएगा=**
जिन्होंने तुझे बनाया, तराशा,निखारा, तूने कर लिया उनसे किनारा। उनके बनाए आशियाने में तूने कैसे डाला खलल, उन्हें किया है पुराने सामान की तरह बेदखल।... Read more
== आँसू ==
आंँसू केवल आंखों से टपका नहीं है यह पानी। इसकी हर बूंद कहती अपनी एक कहानी।। यदि बालक की अंखियों से झरझर गिरे, तो ममता... Read more
प्रभु वन्दन
मैं तेरा प्रभु तू है मेरा तूने दिया एक नया सवेरा। दूर हुआ निशा का अंधेरा नव रश्मियों ने डाला डेरा। सूर्य देवता का हुआ... Read more
हे !  माँ
Ranjana Mathur गीत Sep 15, 2017
हे ! माते ! तू क्षितिज को छू सकती है । ऐसा किया भी, है तूने कई बार। जगजननी बनकर किया है तूने। सकल विश्व... Read more
=**इक दूजे के लिए **=
न उनके बिन कोई जिन्दगी है तुम्हारी, न बिन तुम्हारे कहीं उनका गुजारा। तुम नहीं है तो उनकी हर रात अंधेरी, सूना-सूना सा लगे उन्हें... Read more
== नतीजे आएंगे ==
पता नहीं क्यों आज देश के बहुत हुए बदतर हालात। हत्या, उपद्रव, बाढ़, दुर्घटनाओं से पहुंचा जन-जन को आघात। जन-जन को आघात आकाओं को नहीं... Read more
‌ आओ भारत वासी आओ, माँ की करुण पुकार सुनो। हिन्द देश के हिन्दुस्तानी, हिन्दी का आह्वान सुनो। बुला रही है तुम्हें तुम्हारी, मातृभाषा पुकार... Read more
- - रह गया - -
Ranjana Mathur गीत Sep 13, 2017
मेरी खातिर आप ने जो कुछ किया, उस का तो कर्ज ही चुकाना रह गया। आप ने तो संवारी मेरी जिंदगी, मुझसे ये फर्ज भी... Read more
श्राद्ध क्यों ?
जीते जी यदि रखते होते माता - पिता में श्रद्धा तुम। तो न दिखाई देते होते, जगह-जगह पर वृद्धाश्रम। बाद मृत्यु के जागी आस्था, कर... Read more
***दरद जिया का ***
* सावन आयो सजनवा ना आयो जी ** लायो बहार संग दुःखवा भी लायो जी। *** रिमझिम बरसे बदरिया से बुंदियां **** झरझर बरसे हैं... Read more
आया सावन झूम के
फिर आयो जी मनभावन सावन धरा ने ओढ़ी धानी चुनरिया। गगन हुआ मनमगन बरसाई कारी-कारी बदरिया। पनघट पर छेड़े कान्हा जब गगरी में जल ले... Read more
==== तुझे  अर्पण ====
Ranjana Mathur गीत Sep 11, 2017
सुर हैं मेरे पर गीत तेरे हैं सुर हैं मेरे पर गीत तेरे हैं भगवन आप ही मीत मेरे हैं। वाणी ये मेरी गुन तेरे... Read more
कसें लगाम
Ranjana Mathur लेख Sep 11, 2017
नन्हे निर्दोष बालक की स्कूल में चाकू से गोद कर हत्या ? मासूम अबोध बालिका के साथ स्कूल के भीतर अमानवीय घृणित कुकृत्य ? स्कूल... Read more
==कुछ तो  कीजिए ==
चमन में खिलेंगे गुल भी, थोड़ा इंतजार तो कीजिए। कुदरत ने किया श्रृंगार , थोड़ा दीदार तो कीजिए। मानेंगे रूठे यार, थोड़ी मनुहार तो कीजिए।... Read more
***आशा ***
फिज़ाओं में खुशबुएं भी हैं घुली घुली, केवल जहर ही नहीं हवाओं की उड़न में। आओ छुअन में एहसास करें जरा।। ******* दुनिया में प्रेम... Read more
यही है दुनिया
कविता - - -( वर्ण पिरामिड) रे भोले मनवा दुनिया की चालबाजियां कब समझेगा ओ मूरख नादान। है सब भरम दुनिया में ना ही कुछ... Read more
हमें जवाब चाहिए
आक्सीजन की कमी से दम तोड़ते मासूम बाढ़ों के सैलाब में बहते बेबस नर नारी ट्रेन हादसों में ढेर होती लाशें शायद हैं सारे महज... Read more
जागो
जागो जंगलात को काट काट हम बना रहे हैं शहर, प्रकृति का प्रकोप कभी बन कर गिरेगा कहर। कुदरत और प्राणी दोनों हैं इक दूजे... Read more
कौन उत्तरदायी ?
ब्लू व्हेल गेम से हो रही आत्महत्याएं और इस से उपजे भय के लिए कौन उत्तरदायी है ? उत्तर दायित्व हैं बच्चों के अभिभावक। पाश्चात्य... Read more