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भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास।
प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य।
पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित।
जयपुर के पाक्षिक पत्र "कायस्थ टुडे" एवं फेसबुक ग्रुप्स "विश्व हिंदी संस्थान कनाडा" एवं "प्रयास" में अनवरत लेखन कार्य।
लघु कथा, कहानी, कविता, लेख, दोहे, गज़ल, वर्ण पिरामिड, हाइकू लेखन।

"माँ शारदे की असीम अनुकम्पा से मेरे अंतर्मन में उठने वाले उदगारों की परिणति हैं मेरी ये कृतियाँ।"
जय वीणा पाणि माता!!!

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===  खुशी ===
Ranjana Mathur लेख Nov 15, 2017
खुशी एक ऐसा अनोखा एहसास है जो व्यक्ति की आंतरिक इच्छा से जुड़ा होता है। यदि मन में उमंग है /ललक है/ जीने की चाह... Read more
कर्म - पोटली
भौतिक सुख की उच्चाकांक्षा और अप्राप्य को प्राप्य में न बदल पाना है असंतोष। नश्वरता से शाश्वत में जाने की खुशी का नाम है आत्म... Read more
** स्तुति **
अति रमणीक है हृदय का उपवन अधिष्ठाता जिसके प्रभु स्वयं आप। अन्तर्मन की वाणी तुम सुनते नहीं सुनते तुम मिथ्या आलाप। यदि हूँ मैं पथभ्रमित... Read more
===बेटी===
उसके मिट जाने के भय से जब मां के भीग गये कपोल। कोख में सिमटी नन्ही के भी मोती टपके गोल गोल। भीतर कुछ हलचल... Read more
*****मन बावरा ***
मन बावरा मन चंचल मन बावरा पंछी दूर दूर तक सैर कराए। पल में यहां तो पल में वहां पंख लगा कर उड़ता जाए। कभी... Read more
घर ?
केवल चार दीवारों के भीतर बनाए गए कमरों का नाम नहीं है घर। कोने कोने में रहती है जहाँ जिन्दगी पग पग पर मिलती है... Read more
#                राहें              #
राहों से सीखा मैंने अकेले ही आगे बढ़ना। मंजिल पर पहुंच कर ही रुकना ठहरना। बीच में कहीं न रुकना न बहकना। रास्ते में खुश... Read more
+))) सतरंगी त्योहार हमारे (((+
त्योहारों का देश है भारत शांति का संदेश है भारत। वसुधैव कुटुम्बकम का जीता जागता परिवेश है भारत। दीपावली के प्रज्वलित दीपक करें प्रकाशित जन-जन... Read more
¡¡ विज्ञान सम्मत भारतीय संस्कृति  ¡¡
Ranjana Mathur लेख Sep 30, 2017
हमारे विशाल भारत देश की संस्कृति अत्यन्त समृद्धिशाली,विज्ञान सम्मत एवं गौरवपूर्ण अतुल्य ज्ञान का विहंगम और अनूठा संगम है। भारतीय संस्कृति में प्रचलित समस्त परम्पराएं,... Read more