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मीनू यादव
स्नातकोत्तर (हिंदी )
टी.जी. टी .(अध्यापिका )
मेरे लेख और कविताएँ कई अखबार , पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं l

All Postsकविता (5)शेर (1)
फलशफा -ए-इश्क
meenu yadav शेर Jan 25, 2017
1 हमने ज़िन्दगी से वफ़ा की , कबख़्त ज़िन्दगी बेवफा निकली l हमे बीच मजधार छोड़ , वो किसी और की हो चली l l... Read more
बदलती सोच
बदल रही है सोच हमारी नया नज़रिया आया है … बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा सबने मिलकर लगाया है रीति -रिवाज की बंदिश तोड़ उसे... Read more
हमारी  बिटियाँ
हमारी बिटियाँ कल तक मेरी गोद में खेली , आँचल संग कर ठिठोली l कभी हटाएँ , फिर छिप जाये , करें आँख मिचौली! मेरी... Read more
भँवर
भँवर लगता है किसी भँवर में हूँ अनचाहे शहर में हूँ अनजाने लोगों की नज़र में हूँ डर लग रहा है कहा जाऊँ ! न... Read more