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A poet by birth...A CA by profession...

All Postsगज़ल/गीतिका (1)मुक्तक (7)
इल्तजा
ज़िंदगी ज़िंदादिली का नाम है रंज करना बुज़दिलों का काम है चल पड़ो मत बीतने दो ये सहर ढ़ल गई तो शाम ही फिर शाम... Read more
राधा श्याम
हमारे साथ में अब तुम गगन के पार आ जाओ तुम्हारे द्वार हम आयें हमारे द्वार आ जाओ सकल ब्रह्मांड में जीता मगर राधा से... Read more
मुक्तक
हमारी प्यास का ये अब खुला समर्पण है हमारे पास था जो सब तुम्हीं को अर्पण है हमारी आँख में जो बूँद झिलमिलाई है तुम्हारे... Read more
मुक्तक
सुखन के नाम से ही बज़्म की रवानी है सुखन के नाम से ही आशिकों के मानी है ज़हन में आजतक वो ज़ौक का नज़ारा... Read more
मुक्तक
गमों की आँच में हम गीत लिख नहीं पाए मिले जो आपसे वो प्रीत लिख नहीं पाए लिखा तो है मगर ये कौन सी लिखावट... Read more
मुक्तक
गमों के खेत में जो हौंसलों कि डाली है इसी ने उस खुदा की बन्दगी बचा ली है गुलों को देखकर जो हसरतें जवाँ थीं... Read more
मुक्तक
जो चरागों से रौशन दुआरे रहे वो हमारे नहीं वो तुम्हारे रहे जिनके चहरे पे चहरों का था आवरण वो ज़माने में अक्सर सितारे रहे
मुक्तक
चिराग जल रहें हैं रोशनी की ख्वाहिश में किसी को क्या पता है दर्द क्या नुमाइश में हमें पता है इश्क का मुकाम क्या होगा... Read more