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सुर्यकवि पंडित लखमीचन्द जी यो श्रृद्धांजलि अर्पित
*ब्रह्मा कहूँ के विष्णु कहदूँ के कहूँ शिव भगवान तनै,* *सूर्यकवी श्री लख्मीचंद जी यो पूजै सकल जहान तनै ..!!टेक!!* पन्द्रा सात उन्नीस सौ तीन... Read more