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एहसास
फूल से कोमल मन काँच से नाजुक मन मन से कोमल एहसास एहसास से नाजुक आश एहसास से ही मन खिल उठे एहसास हुआ दिल... Read more
तू क्या है
तू क्या है- जिन्दगी अक्सर मुझसे सवाल करती है कुछ समझनें समझानें की कोशिशें बार बार करती है नज्म में सिमटे हुए उलझे हुए अल्फाज... Read more
आनन्द का आनंद
वो जिन्दादिल फनकार हमसे दूर कितने हो गया आनन्द का आनंद अनुराग सफर में खो गया आखिर क्यूँ इस तरह अनुराग हुआ अजनबी वीरान हुआ... Read more
अजनबी
हम अजनबी थे शहर अजनबी था किसे अपना कहते कोई नहीं था पता पूँछते हम किससे रह गुजर का किसको थी फुरसत कौन इतने करीब... Read more