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"जीवन जैसे ज्योति जले " के भाव को मन में बसाये एक बंजारा सा हूँ जो सत्य की खोज में चला जा रहा है अपने लक्ष्य की ओर , गीत गाते हुए, कविता कहते और छंद की उपासना करते हुए । कविता मेरा जीवन है, गीत मेरी साँसें और छंद मेरी आत्मा । -'ज्योति'

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बोल बंजारों के
7 चालीसा

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All Postsकविता (6)गज़ल/गीतिका (5)गीत (14)दोहे (1)घनाक्षरी (2)
कुकुभ छंद
कुकुभ छंद...! (30 मात्रा भार , 16-14 पर यति , चरणांत दो गुरु) ******** मात शारदे हंसवाहिनी,श्वेत वसन हैं तन धारे । अक्षमाल वीणा कर... Read more
*बात पनघट की*
ब्रज भाषा में एक रचना ....! (पनघट पर एक नारी अपनी सखी से कह रही है अपने मन की बात । संदर्भ पुराना है ।गीत... Read more
बात पनघट की
ब्रज भाषा में एक रचना ....! (पनघट पर एक नारी अपनी सखी से कह रही है अपने मन की बात । संदर्भ पुराना है ।गीत... Read more
महारास
*महारास* ******* बिरज में रास रचावत श्याम ! * बदरी ओट शरद कौ चंदा, मंद मंद मुसकावै, यमुना के तट ब्रज गोपिन संग, बंसी श्याम... Read more
महारास
*महारास* ******* बिरज में रास रचावत श्याम ! * बदरी ओट शरद कौ चंदा, मंद मंद मुसकावै, यमुना के तट ब्रज गोपिन संग, बंसी श्याम... Read more
हिन्दी
☘?☘?☘ ? हिन्दी ? ************ पखवाड़ा हिन्दी मना , करते हैं गुणगान । पर फिर पूरे सालभर, रखें न इसका ध्यान।।1 *** पखवाड़े को त्याग... Read more
विजात छंद
??????? विजात छंद ----------( 14 मात्रा- मापनी 1222 1222 ) *********** बड़ा नटखट कन्हैया है । चराता वन में' गैया है ।। बजाता बाँसुरी प्यारी... Read more
शिक्षक
शिक्षक दिवस पर ...! ??????? *तुम ही कृष्णा तुम ही राम * ****************** छैनी और हथौड़ी लेकर , मूर्तिकार ज्यों मूर्ति उभारे । शिष्यों के... Read more
शिव आरती
सावन के अंतिम सोमवार को , बाबा भोलेनाथ के भक्तों को सादर समर्पित.....! ---------------- * शिव आरती * ************* बम भोले भंडारी , बाबा भोले... Read more
शिव भजन
सावन के चौथे सोमवार को भगवान शिव के भक्तों की सेवा में सादर समर्पित एक शिव भजन ...! ---------------------- * शिव परिवार * -------------- मेंहदी... Read more
शिव स्तुति
* शिव महिमा * ------------- कैलाशी अविनाशी है जो , डम-डम डमरू जिसका बोले । गंग विराजे जिसकी लट में , उसका नाम है शंकर... Read more
बाँसुरी
* बाँसुरी * -------- ब्रजभाषा में छंद ------------ जबहु निहारी कभी श्याम की सलौनी छवि , मन मेरौ श्याम की लुभाय गयी बाँसुरी । जब... Read more
* शिव महिमा *
* शिव महिमा * ************** बाबा भोले भंडारी की देखी महिमा अपरम्पार । महिमा अपरम्पार देखी महिमा अपरम्पार ।। बाबा......... - शीश चंद्रमा जटा जूट... Read more
* बेटियाँ *
बेटियाँ तो हैं कली सी डाल से इनको न तोड़ । हैं बहुत नाजुक सभी ये भावनायें मत मरोड़ ।। सृष्टि की आधार हैं ये... Read more
* बेटियाँ *
बेटियाँ तो हैं कली सी डाल से इनको न तोड़ । हैं बहुत नाजुक सभी ये भावनायें मत मरोड़ ।। सृष्टि की आधार हैं ये... Read more
आदमी
पिसते' पिसते आज बौना हो गया है आदमी । मातमी ख़त का सा' कौना हो गया है आदमी ।।1 - जिन्दगी पर इन्द्रधनुषी तन गई... Read more
बात एक फूल से...!
फूल डाल का मुझसे बोला , मुझे तोड़ने वाले पहले ,सुन ले बात मेरे मनुआ की , फिर अर्पण कर लेना मुझको, तुम अपने भगवान... Read more
सवैया छंद
कभी भी नहीं छोड़ना हाथ माते , करें प्रार्थना मान लीजे हमारी । बचा लो हमें घेरने आ रही है , शिकारी बनी मात माया... Read more
शिव भजन
सावन के प्रथम सोमवार को सभी शिव भक्तों को सादर.....! // भजन // *** कंकर -कंकर से मैं पूछूँ कहाँ मिलेंगे शंकर । कंकर-कंकर में... Read more