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बड़ी तकलीफ़ देते हैं ये रिश्ते
बड़ी तकलीफ़ देते हैं ये रिश्ते यही उपहार देते रोज़ अपने ज़मीं से आस्मां तक फ़ैल जाएँ धनक में ख़्वाहिशों के रंग बिखरे नहीं टूटे... Read more
जो व्यवस्था भ्रष्ट हो, फौरन बदलनी चाहिए
जो व्यवस्था भ्रष्ट हो, फौरन बदलनी चाहिए लोकशाही की नई, सूरत निकलनी चाहिए मुफलिसों के हाल पर, आँसू बहाना व्यर्थ है क्रोध की ज्वाला से... Read more
माँ
"सूरा-40 अल-मोमिन," पवित्र कुरआन को माथे से लगाते हुए उस्ताद अख़लाक़ ने कहा, "शुरू नामे-अल्लाह से। जो बड़ा ही मेहरबान और निहायत ही रहम करने... Read more
नस्लें (प्रतिनिधि  कहानी)
"अरे भाई ये किसकी लाश है? हमारे बरामदे में क्यों रख रहे हो? हामिदा रोको इन्हें!" बुड्ढ़े गुलमुहम्मद ने अनजान बनते हुए कहा। हालाँकि कल... Read more
मकड़ी-सा जाला बुनता है
मकड़ी-सा जाला बुनता है ये इश्क़ तुम्हारा कैसा है ऐसे तो न थे हालात कभी क्यों ग़म से कलेजा फटता है मैं शुक्रगुज़ार तुम्हारा हूँ... Read more
यह प्रकृति का चित्र अति उत्तम बना है
यह प्रकृति का चित्र अति उत्तम बना है "मत कहो आकाश में कुहरा घना है"  प्रतिदिवस ही सूर्य उगता और ढलता  चार पल ही ज़िन्दगी की... Read more