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मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150 मेलl आई डी jaipalbhurchand73@gmail.com

Hometown: मुक्ता प्रसाद नगर , बीकानेर ( राजस्थान )
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All Postsकविता (175)गज़ल/गीतिका (25)मुक्तक (135)गीत (55)लेख (4)शेर (26)लघु कथा (1)हाइकु (2)कव्वाली (1)
अदा-ए-यार
हमारा प्यार भी कभी जो किस्सा बन जाता है अगर यार को रिश्ता प्यार का निभाना आता है ।। ?मधुप बैरागी मेरे महबूब को देखो... Read more
** भ्रमित कर रहा कान्हा **
25.8. 16 दोपहर13.25 कैसे भ्रमित कर रहा कान्हा देखो जन्मदाता के हाथों-कान्हा देखो देखो कैसे मुदित हो रहा जगदाता त्राता भाग्यविधाता कान्हा देखो ।। ?,मधुप... Read more
** बादळी सुहावणी **
दिवाळी ने दीप जलास्यां बाती करसी रात्यां राती । इब आवण वाळी काती ने रात्यां करस्यां आपां राती ।। ?मधुप बैरागी *बादळी सुहावणी* ****************************** बादळी... Read more
*** दास्तां-ए-मुहब्बत ***
दास्तां-ए-मुहब्बत सुनाना चाहता हूं गा गीत तुझको रिझाना चाहता हूं ।। सफ़र जिंदगी का भुलाना चाहता हूं आज तुझसे रिश्ता निभाना चाहता हूं।। लगी दिल... Read more